गैंगस्टर विक्रम शर्मा को गोली मारने के बाद शूटर झारखंड नंबर की जिस अपाचे बाइक से हरिद्वार की ओर भागे वह दून रेलवे स्टेशन की पार्किंग में चार महीने से खड़ी थी। बदमाश नवंबर में ही उसे झारखंड से देहरादून ले आए थे। इसके बाद से लगातार उसका पार्किंग शुल्क दिया जा रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने से एक दिन पहले दो शूटर और उनका एक साथी हरिद्वार पहुंचे। वहां पर उन्होंने एक बाइक और स्कूटी किराये पर ली। रात में एक होटल में रुके और वारदात वाले दिन सुबह हरिद्वार से किराये की बाइक और स्कूटर से देहरादून आए। सहस्रधारा रोड पर उन्होंने दोनों वाहन खड़े किए और पहले से रेलवे स्टेशन की पार्किंग पर खड़ी बाइक से सिल्वर सिटी पहुंचे। वहां आशुतोष और विशाल मॉल के अंदर चले गए और आकाश आरटीओ ऑफिस से कुछ दूरी पर बाइक लेकर इंतजार करने लगा। विक्रम को गोली मारने के बाद दोनों शूटर भागते हुए बाइक तक पहुंचे और उसी से सहस्रधारा रोड की ओर गए।
वहां पर झारखंड नंबर की अपाचे बाइक छोड़कर किराये पर ली हुई बाइक और स्कूटी लेकर हरिद्वार भागे। हरिद्वार में दोनों वाहन जिस दुकान से किराये पर लिए थे वहां जमा किए और हरिद्वार में खड़ी काली रंग की स्कॉर्पियो से नोएडा भाग गए। वारदात के दिन मोहित भी दून में था लेकिन उसने फोन करके अपने अपार्टमेंट में शूटरों की स्कॉर्पियो खड़ी करवाने का इंतजाम किया और तुरंत ही नोएडा के लिए निकल गया। वहां से आशुतोष, विशाल और आकाश अलग-अलग फरार हो गए।