शिक्षा विभाग ने अब स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता ने नोटिस का जवाब एक सप्ताह के भीतर देने को कहा है। यह भी कहा है कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए विभाग की ओर से जारी गाइड लाइन का पालन करने में लापरवाही सामने आने पर मान्यता निरस्तीकरण की संस्तुति भी की जा सकती है। केके गुप्ता ने बताया कि शनिवार को इस प्रकरण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच पड़ताल करने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी हल्द्वानी हरेंद्र मिश्रा को निर्देश दिए गए हैं। स्कूल से पूछा गया है कि वैन में सुरक्षा नियमों के अंतर्गत महिला कर्मचारी की तैनाती थी या नहीं, यदि नहीं तो ऐसा क्यों किया गया।
पब्लिक स्कूलों को अब शपथपत्र भी देना होगा
हल्द्वानी ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित की गई है जो सीबीएसई मान्यता प्राप्त पब्लिक स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के संबंध में समय-समय पर जारी सर्कुलर का कितना पालन किया जा रहा है, इसकी जांच पड़ताल करेगी। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने बताया कि पब्लिक स्कूलों को यह शपथपत्र देना होगा कि उनके यहां सुरक्षा संबंधी गाइड लाइन का पालन किया जा रहा है।
सीबीएसई भी कराएगी जांच, रिपोर्ट मांगी
सीबीएसई देहरादून रीजन के रीजनल आफिसर रनवीर सिंह ने बताया कि इस मामले में स्कूल की लापरवाही की जांच कराई जाएगी। इस मामले के संबंध में प्रशासन से जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में लापरवाही साबित होने पर स्कूल की मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का अनुपालन कराए शिक्षा विभाग
नगर मजिस्ट्रेट पंकज कुमार उपाध्याय ने खंड शिक्षा अधिकारी को भेजे पत्र में प्रत्येक विद्यालय को नोटिस जारी कर स्कूली बच्चों की सुरक्षा के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गाइड लाइन का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी को भेजे पत्र में नगर मजिस्ट्रेट ने कहा है कि पिछले कुछ समय से स्कूलों में कार्यरत स्टाफ द्वारा नाबालिगों के साथ दुराचार व अश्लील हरकतों के मामले उजागर हो रहे हैं जिसके चलते लोगों में भारी गुस्सा है और कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का भी अंदेशा है।
ये है पत्र का सार
- शिक्षा विभाग सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन को गंभीरता से लेते हुए गाइड लाइन के सभी 24 बिंदुओं का अनुपालन सुनिश्चित कराए।
- प्रत्येक स्कूल बस में एक महिला आया की तैनाती की जाए जो कि अंतिम विद्यार्थी के बस से उतरने तक उसके साथ रहे।
- प्रत्येक स्कूल बस में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
- एक पखवाड़े के भीतर सभी स्कूलों से सुरक्षा मानक पूरे होने संबंधी शपथ पत्र ले लिए जाएं और इसकी सूचना जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए।
- पुलिस, प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा एक पखवाड़े बाद भी स्कूल बसों की नियमित चेकिंग की जाएगी और सुरक्षा मानकों को पूरा न करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
दरिंदगी की शिकार बच्ची के पिता ने स्कूल प्रबंधन के तीन लोगों पर धमकी का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। अगर यह बात साबित हुई तो स्कूल प्रबंधन पर शिकंजा और कस सकता है। मामले में पुलिस ने मजिस्ट्रेट के सक्षम पिता का कलमबंद बयान लेने का भी फैसला किया है।
पीड़िता के पिता ने मामले में दो महिलाओं और एक पुरुष ने धमकी देने का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में काल डिटेल के अलावा सीसीटीवी को भी जांच के दायरे में शामिल किया है। इसके साथ ही पुलिस मामले में धमकी देने वालों की शिनाख्त भी कराने की तैयारी कर रही है। एसएसपी सहित अन्य अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि स्कूल प्रबंधन पुलिस के रडार पर है।
पुलिस सुरक्षा के घेरे में स्कूल
बवाल की आशंका से जिला पुलिस ने रात में भी स्कूल पर पुलिस का पहरा लगाया था। दिनभर पुलिस की टीमें स्कूल की सुरक्षा की निगरानी की। शुक्रवार को स्कूल के सामने शहर के लोगों ने काफी प्रदर्शन किया था। स्कूल में तोड़फोड़ का प्रयास किया था। स्कूल की सुरक्षा में एक उपनिरीक्षक और दो सिपाही रातभर पहरा देते रहे।