इन्हीं आशंकाओं के बीच कश्मीर के पीडीपी सांसद फैयाज अहमद मीर की अगुवाई में चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल कश्मीरी छात्र-छात्राओं की सुरक्षा का जायजा लेने सोमवार शाम को यहां पहुंच गया था। प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को सुद्दोवाला स्थित हॉस्टल पहुंचकर कश्मीरी छात्राओं से बातचीत की। उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें कमरे में बंद करके रखा गया था। छात्राओं ने इससे इंकार किया। सूत्राें के मुताबिक छात्राओं ने खुद को किसी तरह का खतरा नहीं बताया है। उन्होंने वापस जाने से भी इनकार किया। प्रतिनिधिमंडल ने आईएसबीटी के पास टर्नर रोड पर रहने वाले छात्र-छात्राओं से भी बात की।
पीडीपी सांसद ने छात्र-छात्राओं से कहा कि यदि उन्हें किसी तरह की सुरक्षा चाहिए तो उसे मुहैय्या कराया जाएगा। सांसद मीर ने मीडिया से बात करने से परहेज किया। उन्हाेंने सिर्फ इतना कहा कि यहां सब ठीक है। उधर प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी निवेदिता कुकरेती से बातचीत की। प्रतिनिधिमंडल में सांसद मीर के अलावा पीडीपी विधायक एजाज अहमत मीर, परवेज वफा और वाहिद उर्रहमान परा शामिल हैं।
सेलाकुई में भी कश्मीरी छात्रों से मिला प्रतिनिधिमंडल
शिक्षण संस्थानों में कश्मीरी छात्रों को लेकर हुए विवाद के बाद मंगलवार को कश्मीर के विधायक एजाज अहमद मीर और पीडीपी के कोआर्डिनेटर परवेज वका ने रामपुर, शंकरपुर क्षेत्र के लोगों और पुलिस प्रशासन से मुलाकात कर स्थितियों का जायजा लिया। इस दौरान वह यहां के सुरक्षा प्रबंधों से संतुष्ट दिखे। विधायक मीर ने कहा कि कश्मीरी युवा बेहतर माहौल में शिक्षा ग्रहण करने के लिए उत्तराखंड आते हैं।
सोशल मीडिया पर कश्मीरी छात्रों को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों से कश्मीर की जनता और छात्रों के अभिभावक भी परेशान हैं। बताया कि इन्हीं अफवाहों की सच्चाई जानने के लिए पीडीपी अध्यक्ष के कहने पर वह उत्तराखंड आए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड शांतिप्रिय प्रदेश है, यहां शिक्षा ले रहे कश्मीरी छात्र सुरक्षित हैं। यहां के लोगों में भाईचारा है। स्थानीय प्रशासन भी कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है।
पीडीपी के प्रतिनिधिमंडल से फोन पर बातचीत हुई है। कश्मीरी छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर उठाए गए कदमों के बारे में उन्हें विस्तार से बता दिया गया है। कश्मीरी छात्र-छात्राओं से बात करने के बाद प्रतिनिधिमंडल पूरी तरह संतुष्ट था। उनका कहना था कि देहरादून में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला, जिससे कश्मीरी छात्र-छात्राओं को किसी तरह का खतरा हो।
-निवेदिता कुकरेती, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक।
उत्तराखंड में देश के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा करना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके विपरीत राष्ट्र विरोधी गतिविधियाें में लिप्त और कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। प्रदेशभर में सुरक्षा का माहौल है। कश्मीरी छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर किसी तरह का खतरा नहीं है। कुछ लोग बेवजह ही सवाल उठाकर माहौल को दूषित करने में लगे है। ऐसे लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
-अशोक कुमार, पुलिस महानिदेशक, कानून-व्यवस्था