संयुक्त राष्ट महासभा की 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा के बाद योग को एक नई पहचान मिली है। यही वजह है कि अब युवा योग में अपना करियर तलाश रहे हैं।
योग के प्रति बढ़े रुझान की तस्दीक तीर्थनगरी के ऑटोनामस कालेज के योग विज्ञान विभाग के आंकड़े करते है। घोषणा के बाद यहां संचालित एमए इन योगा और पीजी डिप्लोमा इन योगा में एडमिशन लेने वाले छात्रों की संख्या में पचास फीसदी वृद्धि हुई है।
कालेज में योग प्रवक्ता डा. जयप्रकाश कंसवाल ने बताया कि वर्ष 2003 में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में डिप्लोमा इन योगा की शुरूआत हुई थी। उसके बाद वर्ष 2008 में एमए योग एवं वैकल्पिक जिज्ञासा पद्घति विषय आरंभ किया गया।
साल 2009 से 2013 तक लगभग सीटें खाली ही रही। लेकिन 21 जून 2015 से योग को अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप मनाने की घोषणा के बाद छात्रों में योग के प्रति रुझान बढ़ा। इन कोर्सेज में प्रवेश पाने वाले छात्रों की संख्या में पचास फीसदी वृद्धि हुई। बताया कि इस साल भी छात्रों की संख्या में इजाफा होने की संभावना है, क्योंकि एक दिन में प्रवेश पाने के लिए 30 छात्र प्रवेश फार्म खरीद चुके है।