विश्व पर्यटन दिवस पर देश के कुछ चुनिंदा पर्यटकों को गर्तांगली के भ्रमण का सुनहरा मौका मिला है। वर्ष 1962 भारत चीन युद्ध के बाद ये पहला मौका होगा, जब पर्यटक इस अद्भुत स्थान पर जा सकेंगे।
दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान करीब 50 पर्यटकों का यह दल गर्तांगली के अलावा नेलांग वैली का भी भ्रमण करेगा। टूर का सबसे खास हिस्सा पहाड़ पर बना लकड़ी का पुल होगा, जिसे कभी व्यापार मार्ग के तौर पर प्रयोग किया जाता था।
बुधवार को डीएम डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव व अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य डा. स्वराज विद्वान ने संयुक्त रूप से पर्यटक दल को नेलांग घाटी के लिए रवाना किया। दिल्ली, मुंबई, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों से आए पर्यटकों का यह दल दो दिन तक नेलांग घाटी में रहेगा, जिसके पहले दिन वो गर्तांगली व दूसरे दिन नेलांग का भ्रमण करेंगे।