अफगानिस्तान टीम ने जब देहरादून के राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम को अपना होम ग्राउंड बनाया था। उस समय टीम के खिलाड़ियों और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के साथ ही यहां के ग्राउंड स्टाफ से भी अच्छे संबंध बन गए थे।
अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा होने के बाद वहां के हालात और वहां की जनता को लेकर पूरी दुनिया के साथ देहरादून के लोग भी चिंतित है। इसकी वजह अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम के साथ दिल से जुड़ा लगाव भी है।
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अफगानिस्तान टीम ने जब देहरादून के राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम को अपना होम ग्राउंड बनाया था। उस समय टीम के खिलाड़ियों और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के साथ ही यहां के ग्राउंड स्टाफ से भी अच्छे संबंध बन गए थे।
होम ग्रांउड होने की वजह से अफगानिस्तान की टीम के खिलाड़ियों के संबंध क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड और ग्राउंड स्टाफ के साथ काफी बेहतर हो गए थे। अफगानिस्तान की टीम ने यहां 2018 और 2019 में बांग्लादेश और आयरलैंड के साथ टी-20, एकदिवसीय और एक टेस्ट मैच भी खेला था। सीएयू के सचिव महिम वर्मा ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि किसी भी जानने वाले का परिवार अगर विपदा में होता है तो चिंता तो होती ही है।
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अफगानिस्तान टीम के कई खिलाड़ियों को व्यक्तिगत रूप से जानता हूं, जिनमें राशिद खान, मोहम्मद नबी भी हैं दोनों इस वक्त यूएई में क्रिकेट लीग में खेल रहे हैं। अफगानिस्तान के ताजा हालात बेहद डरावने हैं, अंतरराष्ट्रीय बिरादरी और खासकर संयुक्त राष्ट्र को वहां के नागरिकों की सुरक्षा के बारे में सोचाना ही चाहिए।
राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम के पीआरओ मानव भंडारी भी खिलाड़ियों के परिवार को लेकर बेहद परेशान हैं और उनका कहना है कि अफगान टीम को देहरादून ओर यहां के लोग काफी पसंद आए थे।
टीम ने इस मैदान पर कई रिकॉर्ड भी बनाए थे। अफगानिस्तान टीम के उस वक्त लाइजनिंग अफसर रहे रोहित चौहान ने बताया टीम के सभी खिलाड़ी बेहद सुलझे हुए थे और सभी का रवैया बेहद सहयोगात्मक था। सभी खिलाड़ियों के साथ अच्छे संबंध हो गए थे। अफगानिस्तान के ताजा हालात से खिलाड़ियों और उनके परिवार की चिंता हो रही है।