विभागों और कार्यालयों में भी संबद्धता पर मंडराया खतरा
समय पर उपस्थिति और बायोमीट्रिक की शुरुआत सीएमओ से हुई
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को समय पर दफ्तर आने की अपेक्षा की थी। उनके आदेश के बाद मुख्य सचिव ने राज्य सचिवालय और प्रदेश के सभी कार्यालयों में बायोमीट्रिक से उपस्थिति दर्ज करने की प्रणाली को लागू करने के आदेश दिए। साथ ही लेटलतीफी पर कड़ी कार्रवाई की हिदायत भी दी गई।