देहरादून। पॉक्सो और दुष्कर्म के मामलों में अब व्यक्तिगत रूप से सुनवाई और गवाहों के बयान होने हैं। ऐसे में जिला जज ने संबंधित वकीलों को नियत तिथियों पर उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा है। इससे अब इन मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और जल्द ही लंबित मामले निस्तारित हो सकेंगे।
दरअसल, लॉकडाउन के बाद से ही लगभग सभी अदालतों में काम काफी कम हो रहा था। रोस्टरवार अदालतें लग रहीं थी, ऐसे में केसों में विलंब हो था। हालांकि, 12 अक्तूबर से सभी कोर्ट में काम तेजी से हो रहा है। हाईकोर्ट ने पॉक्सो और दुष्कर्म के मामलों को लेकर विशेष जोर दिया है। जिला जज प्रशांत जोशी ने हाईकोर्ट के नियमों का हवाला देते हुए ही यह आदेश जारी किया है।
उन्होंने देहरादून की सभी बार एसोसिएशन को पत्र लिखकर इस संबंध में जानकारी दी है। बताया है कि अब पॉक्सो और दुष्कर्म के मुकदमों में नियमित रूप से व्यक्तिगत सुनवाई और गवाहियां होनी हैं। ऐसे में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि लंबित मुकदमों का जल्द से जल्द निस्तारण किया जा सके।