सरकार का मानना था कि एक ही छत के नीचे यदि सभी साहसिक खलों के प्रशिक्षण दिए जाएंगे तो युवाओं को स्वरोजगार के ज्यादा अवसर मिलेंगे। लेकिन चार साल से अकादमी संचालन की राह ताक रही है। अकादमी में प्रशिक्षण शुरू करेन के लिए पूर्व में सरकार के स्तर पर निम और एनआईडब्ल्यूएस से अनुबंध करने की मुहिम शुरू की गई थी।
लेकिन इसमे सफलता नहीं मिल पाई। कोटी कालोनी में आईटीबीपी का ट्रेनिंग कैंप शुरू करने के लिए अप्रैल माह में कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पारित किया था। लेकिन कोटी कालोनी में पूरी जमीन टीएचडीसी के नाम है। टीएचडीसी अपनी जमीन किसी भी संस्था को देने को तैयार नहीं है। ऐसे में आईटीबीपी ने सरकार की ओर से निर्मित साहसिक खेल अकादमी का संचालन शुरू करने की हामी भरी है।
टिहरी झील किनारे कोटी कालोनी में साहसिक खेल अकादमी का संचालन शुरू करने के लिए आईटीबीपी तैयार हो गई है। शासन स्तर पर इन दिनों एमओयू की प्रक्रिया चल रही है।
-सोबत सिंह राणा, जिला साहसिक खेल अधिकारी टिहरी