अक्सर अपने बयानों से विवादों में रहने वाले महंत आदित्यनाथ ने फिर से समाज को बांटने वाला बयान दिया है। गोरक्ष पीठाधीश्वर एवं गोरखपुर के सांसद महंत आदित्यनाथ ने कहा कि हरकी पैड़ी की पवित्रता बनाए रखने के लिए बायलॉज लागू करना जरूरी है। यहां गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित किया जाना चाहिए। इसके लिए संतों, पुरोहितों और पंडों को एकजुट होना चाहिए।
मंगलवार से हरिद्वार के श्री गुरू गोरक्षनाथ अखाड़ा में आयोजित अखिल भारतीय योगी महासभा के दो दिवसीय सम्मेलन में सांसद आदित्यनाथ ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि गंगा की पवित्रता एवं अविरलता के लिए हर संभव कार्य किए जाएंगे। बायलॉज लागू करवाने के लिए वह मुख्यमंत्री से शीघ्र मुलाकात करेंगे।
राम मंदिर मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अयोध्या की पहचान राम मंदिर से है और मंदिर बनकर रहेगा। जब यहां मंदिर बनने की बात आती है तो दूसरे समुदाय के लोग बैठकों के ढकोसले करते हैं। लेकिन यह स्पष्ट है कि बातों से निष्कर्ष नहीं निकलने वाला।
उन्होंने साक्षी महाराज के उस बयान का समर्थन किया जिसमें उन्होंने कहा था कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए कड़े नियम बनने चाहिए। उत्तर प्रदेश के मंत्री आजम खान की ओर से लगातार दिए जा रहे हिंदु विरोधी बयानों की उन्होंने निंदा की।
कहा, टिहरी झील को नहीं बनाने देंगे पर्यटन स्थल
गोरक्ष पीठाधीश्वर एवं गोरखपुर के सांसद व महंत आदित्यनाथ ने कहा कि टिहरी झील को पर्यटन स्थल नहीं बनाया जा सकता। यह झील वास्तव में गंगा है और यहां सनातन मूल्यों का पालन किया जाना चाहिए।
मंगलवार को नाथों के दलीचे में योगी महासभा कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गंगा में व्यापार की इजाजत नहीं दी जा सकती। टिहरी झील के किनारे मांस आदि परोसा जा रहा है। योगी महासभा इसका विरोध करेगी।
आदित्यनाथ ने कहा कि नासिक कुंभ के अवसर पर गुरु गोरखनाथ झंडी यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा नागपंचमी से शुरू होकर शिवरात्रि तक (नासिक से मंगलौर कर्नाटक तक) 1800 किलोमीटर चलेगी।
योगी महासभा के उप सभापति महंत चांदनाथ ने कहा कि गंगा रक्षा के सवाल को केवल सरकारों पर नहीं छोड़ा जा सकता। महंत चेताईनाथ ने कहा कि गौरक्षपीठ ने हमेशा समाज को दिशा दी है। कालिका पीठाधीश्वर सुरेंद्रनाथ अवधूत ने गंगा सेवा में योगदान का वचन दिया।
आदित्यनाथ की संसद सदस्यता छीनी जाए: उपाध्याय
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि जो सांसद नफरत फैलाने का प्रयास कर रहे हैं उन्हें संसद में रहने का अधिकार नहीं। आदित्यनाथ की संसद सदस्यता भी छीनी जानी चाहिए।
मंगलवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता में किशोर उपाध्याय ने कहा कि नफरत के बयान देकर आदित्यनाथ ने देवभूमि का अपमान किया है। वह खुद उत्तराखंड के रहने वाले हैं। इसके बावजूद वे मातृभूमि का उपयोग जहर बोने के लिए कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि संघ परिवार ने भगवानपुर उपचुनाव को भी मुजफ्फरनगर की भांति रंगने की कोशिश की थी। लेकिन सफलता नहीं मिली।
नाथ संप्रदाय के स्थलों से कब्जा हटाने का संकल्प
हरिद्वार में बैठक में योगी और नाथ संप्रदाय
से जुड़े कई मसलों पर चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि नाथ संप्रदाय के उन
धर्म स्थलों को मुक्त कराया जाएगा, जिन पर कब्जे हो गए हैं। बैठक में महंत
शांतिनाथ, गंगानाथ, सूर्यनाथ, कृष्णनाथ, बापू गुलाबनाथ, बापू शेरनाथ आदि ने
भी विचार रखे।