अब नहीं चलना पड़ता पैदल
केएमवीएन ने वर्ष 1991 में आदि कैलाश यात्रा शुरू की थी। तब यात्रियों को धारचूला से आदि कैलाश तक सात से आठ पड़ाव पैदल चलकर आदि कैलाश पहुंचना पड़ता था। वर्ष 2019 में बीआरओ के चीन सीमा तक सड़क बनाने के बाद वर्ष 2022 में आदि कैलाश यात्रा वाहन से शुरू हो पाई। अब यात्रियों को पैदल नहीं चलना पड़ता है।
धारचूला में बनने लगे इनर लाइन परमिट
धारचूला एसडीएम कार्यालय में इनर लाइन परमिट बनने शुरू हो गए हैं। वर्षाकाल में यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए एसडीएम कार्यालय ने इनर लाइन परमिट जारी करने बंद कर दिए थे। उधर, दो महीने बाद प्राइवेट टूर ऑपरेटर का पहला दल आदि कैलाश यात्रा के लिए पर्यटक आवास गृह पिथौरागढ़ पहुंचा। यात्रा दल में शामिल 32 लोगों का भव्य स्वागत किया गया। पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने यात्रियों को हिमालय बचाओ अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई।