बाघिन राजाजी टाइगर रिजर्व से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों में नहीं गई है। कहा कि अगर बाघिन रिजर्व से निकलकर आबादी वाले इलाकों में गई होती तो जानकारी मिल गई होती। वार्डन का मानना है कि फिलहाल बाघिन टाइगर रिजर्व में ही है।
राजाजी टाइगर रिजर्व से पिछले 25 दिनों लापता बाघिन रानी की खोजबीन के लिए राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से बेरीबाड़ा, रामगढ़ रेंज में अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही टाइगर रिजर्व की सड़कों की मरम्मत का काम तेज कर दिया गया है।
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उधर, टाइगर रिजर्व के अफसरों के मुताबिक, बाघिन के पैरों के निशान बेरीबाड़ा, रामगढ़ रेंज में लगातार मिल रहे, लेकिन फिलहाल बाघिन कहां है, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। बाघिन की खोजबीन के लिए राजाजी टाइगर रिजर्व, उत्तराखंड वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ही यूपी वन विभाग के कर्मचारी भी सीमावर्ती इलाकों में सर्च कर रहे हैैं।
राजाजी टाइगर रिजर्व के वार्डन प्रशांत हिंदवाण का मानना है कि फिलहाल बाघिन राजाजी टाइगर रिजर्व से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों में नहीं गई है। कहा कि अगर बाघिन रिजर्व से निकलकर आबादी वाले इलाकों में गई होती तो जानकारी मिल गई होती। वार्डन का मानना है कि फिलहाल बाघिन टाइगर रिजर्व में ही है।
संभव है कि वह टाइगर रिजर्व के कोर जोन में चली गई है। टाइगर रिजर्व के पश्चिमी क्षेत्र से बाघिन लापता है और उसकी खोजबीन की जा रही है। टाइगर रिजर्व के अफसरों ने इस बात को सिरे से खारिज किया कि बाघिन के शिकार की भी संभावना है। बाघिन की खोजबीन के लिए एपीसीसीएफ (वन्यजीव इंटेलिजेंस) रंजन मिश्रा की अगुवाई में टीम लगातार काम कर रही है।