उत्तराखंड योग और वेलनेस टूरिज्म में वैश्विक स्तर पर तेजी से उभर सकता है। उत्तराखंड योग भूमि रही है। यहां से प्रशिक्षण लेकर विभिन्न देशों में लोग योग का प्रशिक्षण दे रहे हैं। राज्य में अधिक से अधिक लोगों को योग प्रशिक्षण देने के लिए बेहतर व्यवस्था की जा सकती है।
पर्वतीय क्षेत्रों के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन, ब्रांडिंग और पैकेजिंग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर सात देशों में भारत के राजदूतों ने ये सुझाव दिए। सीएम आवास पर मुख्यमंत्री से मुलाकात में राजदूतों ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इस मौके पर सीएम धामी ने कहा कि राज्य के एक जिला दो उत्पाद योजना को दूसरे देशों में बढ़ावा देने के लिए राजदूतों से सहयोग लिया जाएगा।
उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की जानकारी दूसरे देशों के लोगों को भी हो। इसके लिए प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन, उद्योग, बागवानी के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने सभी राजदूतों से कहा कि जिन देशों में वे कार्य कर रहे हैं, उन देशों की बेस्ट प्रैक्टिस की जानकारी उत्तराखंड शासन के अधिकारियों को दी जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजदूतों के साथ होने वाली बैठकों में जो भी सुझाव प्राप्त होते हैं, उनका पूरा डॉक्यूमेंटेशन किया जाए। प्रदेश को उत्कृष्ट उत्तराखंड बनाने के लिए इन सुझावों को अमल में लाकर कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने राजदूतों को सुझाव दिया कि राज्य में विभिन्न उत्पादों की जानकारी, टूरिज्म, स्थानीय संस्कृति व सांस्कृतिक विरासत से संबंधित जानकारी के लिए विभिन्न देशों से लोग उत्तराखंड आना चाहते हैं तो इसकी भी जानकारी दी जाए।
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इस मौके पर स्वीडन में भारत के राजदूत तन्मय लाल, तजाकिस्तान में राजदूत विराज सिंह, पनामा में राजदूत उपेंद्र सिंह रावत, ब्रूनेई में राजदूत आलोक अमिताभ, केन्या में राजदूत नामग्या खंपा, स्लोबानिया में नम्रता एस कुमार, अल्जीरिया में गौरव अहलूवालिया के अलावा सचिव उद्योग डॉ. पंकज कुमार पांडेय, अपर सचिव नितिन भदौरिया मौजूद थे।