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NGT की रोक पर टूटी नींद, जवाब की तैयारी

Thu, 04 Feb 2016 03:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा सीवर लाइन बिछाने की योजना पर रोक लगाने के बाद विभागों की नींद टूटी है। अब एडीबी और पेयजल निगम जवाब तैयार करने में लगे हैं। दोनों विभाग 17 फरवरी को एनजीटी के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे।
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सीवर लाइन पर रोक का मामला
बता दें कि गंगा प्रदूषण के संबंध में दायर याचिका की सुनवाई करते हुए एनजीटी ने राज्य में तीन शहरों को छोड़कर बाकी स्थानों में सीवर लाइन बिछाने पर रोक लगा दी है। इससे देहरादून में भी वृहद स्तर पर चल रहा सीवर लाइन बिछाने का काम रुक गया।

काम रुकने के पीछे मुख्य कारण विभागों की हीलाहवाली मानी जा रही है, क्योंकि दून में करीब आधा दर्जन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगभग तैयार हैं। कुछ का काम आखिरी चरण में है, लेकिन विभाग ने एनजीटी के समक्ष ये तथ्य नहीं रखे जिसकी वजह से कार्यों पर रोक लग गई। विभाग अब इस संबंध में अपना पक्ष मजबूत करने की तैयारी में लगे हैं।
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इनका है कहना
एनजीटी की ओर से रोक लगाई गई है, क्योंकि उनका सवाल था कि सीवर लाइन तो बिछाई जा रही है, लेकिन इसके निस्तारण के लिए ट्रीटमेंट की क्या व्यवस्था है? अब जवाब दिया गया है कि एडीबी की ओर से कारगी में 68 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया गया है।
-एके पंत, उप कार्यक्रम निदेशक, एडीबी

एनजीटी की ओर से सीवर कार्यों के लिए अनुमति मिल जाए। इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है। पेयजल निगम की ओर से दून यूनिवर्सिटी के पास 20 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया गया है। साथ ही सालावाला और विजय कॉलोनी के प्लांट भी तैयार हैं। मोथरोवाला में भी प्लांट बनाया जा रहा है। यह जानकारी एनजीटी के समक्ष रखी जाएगी।
-सुजीत कुमार विकास, अधिशासी अभियंता, पेयजल निगम

रोक के बावजूद चल रहे सीवर कार्य   
एनजीटी की रोक के बावजूद शहरभर में सीवर लाइन बिछाए जाने के कार्य चल रहे हैं। ब्रह्मपुरी, डालनवाला, रिस्पना पुल के पास, शिमला बाईपास चौक, चकराता रोड पर रोक के बावजूद बुधवार को सीवर लाइन के काम होते रहे। एडीबी की ओर से शहर भर में किए जा रहे सीवर कार्यों की अंतिम तिथि इस वर्ष 16 जून है।

वहीं, पेयजल निगम की ओर से किए जा रहे कार्यों की अंतिम तिथि 30 जून है। यदि एनजीटी की ओर से अनुमति मिलने में देर होती है तो दोनों विभागों को अपने-अपने कार्यों की समय-सीमा बढ़ानी होगी।
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