इससे हिमालयी क्षेत्र की महिलाओं को और सशक्त होने का अवसर मिलेगा। यह दौड़ 15 मार्च 2020 को होगी। एंबेसडर बनने के बाद भी वह महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में काम करने का प्रयास करेंगी। इधर, ग्राम प्रधान प्रेमा जोशी, जिला पंचायत सदस्य अंजू जोशी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
पिता पूरन जोशी का आरोप है कि उत्तराखंड सरकार ने गरिमा की सुध नहीं ली, इसीलिए उसने प्रदेश की टीम से खेलना छोड़ दिया। वर्तमान में गरिमा हरियाणा की व्हील चेयर वालीबॉल की कप्तान हैं।