कांग्रेस विधायक रेखा आर्य के खिलाफ दल बदल कानून के तहत विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल को मुख्य सचेतक इंदिरा हृदयेश ने कार्रवाई के लिए याचिका सौंप दी है। 10 मार्च को विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट में रेखा ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन कर भाजपा के पक्ष में मतदान किया था।
मुख्य सचेतक के स्तर से हुई कार्रवाई के बाद विधानसभा अध्यक्ष रेखा आर्य को पक्ष रखने के लिए कानून के तहत सात दिन का समय देंगे। इससे पहले कांग्रेस से बागी हुए नौ विधायकों की सदस्यता विधानसभा अध्यक्ष समाप्त कर चुके हैं।
व्हिप का किया था उल्लंघन
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 10 मई को हुए फ्लोर टेस्ट में कांग्रेस विधायक रेखा आर्य ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया था। 15 दिन के बाद कांग्रेस ने दल बदल कानून के तहत शिड्यूल 10 में पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने की याचिका विधानसभा अध्यक्ष को दी है। यह माना जा रहा था कि रेखा पर कार्रवाई होगी।
मुख्य सचेतक की याचिका पर विधानसभा अध्यक्ष अगर कार्रवाई करते हैं तो विधानसभा में निर्वाचित सदस्यों की संख्या घटकर 60 रह जाएगी।
इससे पहले कांग्रेस से बागी हुए नौ विधायकों विजय बहुगुणा, हरक सिंह रावत, सुबोध उनियाल, शैलेंद्र मोहन सिंघल, शैला रानी रावत, अमृता सिंह, प्रदीप बत्रा, कुंवर प्रणव और उमेश शर्मा काऊ की सदस्यता दल बदल कानून के तहत 27 मार्च को समाप्त कर दी गई है। गौरतलब है कि फ्लोर टेस्ट में रेखा ने भाजपा तो भाजपा विधायक भीमलाल ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया था।