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विद्रोह करने वाले 77 पुलिस कर्मियों से जवाब-तलब

Tue, 18 Aug 2015 10:47 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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वेतन विसंगति के विरोध में काली पट्टी बांधकर विरोध जताने के मामले में उत्तराखंड से अब तक 77 पुलिस कर्मचारियों को चिह्नित करके उनसे जवाब-तलब किया गया है।
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मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने भी पीएचक्यू से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी है। चिह्नित 77 में से 31 पुलिसकर्मी गढ़वाल रेंज के बताए गए हैं। जवाब मिलने के बाद इनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू का कहना है विरोध प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों में से उन लोगों की खासतौर पर पहचान की जा रही है, जिन्होंने उकसाने का काम किया है।

पुलिस कर्मचारियों के रविवार को काली पट्टी बांधकर विरोध जताने के मामले में पुलिस के आला अफसरों ने जिस तरह के कड़े तेवर दिखाए थे, वह सोमवार को ढीले पड़ते नजर आए। सूत्रों का कहना है कि अफसर व्यापक स्तर पर कार्रवाई कर नए विवाद को हवा नहीं देना चाहते हैं।
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यही वजह है कि उन चंद लोगों पर कार्रवाई का चाबुक चलाने की तैयारी है, जो पर्दे के पीछे से विरोध को हवा दे रहे थे। चिह्नित पुलिसकर्मियों से जिला स्तर पर जवाब-तलब किया गया है। पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल की मानें तो गढ़वाल रेंज में ऐसे पुलिस कर्मियों की संख्या 31 है, जिनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।

जवाब के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। घटना से जुडे़ फोटोग्राफ और एसएमएस को सेफ करने के लिए कहा गया है। जल्द ही तमाम साक्ष्य पुलिस के पास होंगे। जांच में कुछ सोशल साइट्स के संचालकों से भी सहयोग मांगा गया है।

उधर, डीजीपी बीएस सिद्धू का कहना है कि चिह्नित पुलिस कर्मियों में उन लोगों को तलाशा जा रहा है, जिन्होंने उक साने का काम किया है। यह भी हो सकता है कि साजिश रचने वालों ने खुद काली पट्टी न बांधी हो। एक-दो दिन में तस्वीर साफ हो जाएगी। उधर, पुलिसकर्मियों की नजर दिन भर कार्रवाई पर टिकी रही।

2006 के पुलिस कर्मियों पर खास नजर
काली पट्टी बांधने के मामले में अफसरों की नजर 2006 बैंच के पुलिस कर्मियों पर ज्यादा है, जो इसके जनक बताए जा रहे हैं। ऊधमसिंह नगर में तो एक अधिकारी यह बात खुलकर कह चुके हैं। वेतन विसंगति से सबसे ज्यादा इसी बैंच के पुलिसकर्मी प्रभावित हैं।
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