काशीपुर में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के पद पर रहीं अनुराधा गर्ग का कार्यकाल विवादों में रहा। एक ही प्रकृति के अपराधों में जमानत अर्जी स्वीकारने और अस्वीकार करने को लेकर उनकी कार्यशैली चर्चा में रही। सीजे के निर्देश पर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल डीपी गैरोला ने उनके निलंबन का आदेश दिया था। इसके बाद से वह जिला न्यायालय से संबद्ध चल रही थी।
देहरादून में स्थित एक संपत्ति के विवाद को लेकर भी वह आरोपों के घेरे में थीं। काशीपुर के कुछ अधिवक्ताओं ने उनके न्यायिक कार्यों में अनियमितता बरतने की शिकायत उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से की थी।
इस मामले में जांच हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल नरेंद्र दत्त की ओर से की गई। प्रारंभिक जांच के बाद रिपोर्ट 24 मार्च 2015 को मुख्य न्यायाधीश को सौंपी गई। रिपोर्ट में अनियमितताएं और भ्रष्टाचार की बात कही गई थी। 2003 बैच की पीसीएस (जे) अनुराधा 17 अप्रैल 2013 से 27 मार्च 2015 तक काशीपुर की एसीजेएम रहीं।