उसे डायल 181 में नियुक्त दी है। फिलहाल, उसकी ट्रेनिंग चल रही है। इधर, हरीश रावत सरकार में कई एसिड अटैक पीड़िताओं को मुआवजा देने की घोषणा की थी। इनमें से कई को मुआवजा मिला लेकिन इसे नहीं मिला।
कॉल सेंटर में नौकरी पाने वाली इस महिला को एक बेटा भी है। घटना के बाद वह देहरादून अपने मायके में रह रही है। ससुराल वाले तब से अब तक उसे किसी न किसी तरह परेशान करते आ रहे थे। अब उसके बेटे को लेने के लिए दबाव बना रहे हैं।