अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने प्रदेश में शिक्षा की बदहाली, 12वीं पास छात्रों के बीए, बीएससी और बीकॉम में एडमिशन न होने सहित कुल 27 सूत्री मांगों पर महासंग्राम रैली निकाली। भारी बारिश के बावजूद एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बेहद उत्साह के साथ रेंजर्स ग्राउंड से सीएम आवास की ओर कूच किया।
करीब पांच हजार कार्यकर्ताओं को पुलिस ने सीएम आवास से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। बाद में एक प्रतिनिधिमंडल को सीएम हरीश रावत ने वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन बात नहीं बनी।
बृहस्पतिवार को एबीवीपी की महासंग्राम रैली में शामिल होने के लिए प्रदेशभर से एबीवीपी कार्यकर्ता रेंजर्स ग्राउंड पहुंचे। सुबह ठीक साढ़े दस बजे रेंजर्स ग्राउंड में एक सभा आयोजित हुई। सभा में एबीवीपी के पदाधिकारियों ने शिक्षा पर प्रदेश सरकार की विफलता को सामने रखा।
इसके बाद जैसे ही कार्यकर्ता करीब साढ़े 12 बजे सीएम आवास कूच के लिए निकलने वाले थे, तभी तेज बारिश शुरू हो गई। बावजूद इसके एबीवीपी कार्यकर्ताओं का जोश देखने लायक था। उन्होंने बड़ी संख्या में सीएम आवास की ओर कूच किया।
ट्रैफिक का व्यवधान न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन ने कनक चौक सहित कई जगहों पर बैरिकेडिंग लगाकर रास्ते बंद किए हुए थे। कार्यकर्ता राजपुर रोड होते हुए हाथीबड़कला पहुंचे तो आईसीआईसीआई बैंक के निकट पुलिस ने मजबूती से बैरिकेडिंग लगाई हुई थी।
सीएम ने बातचीत को बुलाया पर नहीं बनी बात
कुछ कार्यकर्ताओं ने इसे तोड़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने हल्की लाठियां फटकारी। इससे मौके पर एक बार भगदड़ भी मची, लेकिन बाद में पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से कार्यकर्ताओं को यहीं रोके रखा।
इस बीच सीएम हरीश रावत की ओर से एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को वार्ता के लिए बुलाया गया। सीएम से वार्ता के दौरान एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीहरि ने बताया कि 27 सूत्री मांगों पर सीएम से बिंदुवार वार्ता करना चाहते थे, लेकिन सीएम ने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद वह ज्ञापन देकर लौट आए।
उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं की समस्याओं पर सरकार का रवैया नकारात्मक है। इसलिए वे चर्चा से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एबीवीपी युवाओं और छात्र हित में यह आंदोलन जारी रखेगी। इस कड़ी में अब 22 अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों पर सरकार की बुद्धि-शुद्धि के लिए यज्ञ किया जाएगा।
रैली के सफल आयोजन में देहरादून से आशीष बहुगुणा को संयोजक, रामनगर से भूपेंद्र सती और श्रीनगर से सुधीर जोशी रैली का सह संयोजक मनोनीत किया गया था। रैली में सभी 13 जनपदों से छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान पूर्व छात्र नेता आदित्य चौहान, ओम कक्कड़, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष आशीष रावत, जितेंद्र रावत मोनी, अंशुल चावला, महेश जगूड़ी, पारस गोयल, सपना चौहान, सरदार जीवन सिंह, संकेत नौटियाल, तिलकराज गुप्ता सहित सभी जिलों के पदाधिकारी, कॉलेजों के पदाधिकारी शामिल हुए।
रैली के बाद एबीवीपी ने की प्रेस वार्ता
महासंग्राम रैली के समापन के बाद क्षेत्रीय संगठन मंत्री धर्मपाल, प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत श्रीवास्तव, प्रांतीय संगठन मंत्री बृजेश बनकोटी ने प्रेस वार्ता बुलाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राथमिक स्कूलों से विश्वविद्यालयों तक के छात्र परेशान हैं, लेकिन सरकार इनकी सुध लेने को तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा कि राज्य में 1800 से अधिक स्कूलों को बंद होना इसका प्रमाण है। इसी तरह बीते वर्ष 80 हजार से ज्यादा छात्र महाविद्यालयों में प्रवेश नहीं पा सके। निजी स्कूल मनमानी पर उतारू हैं। तमाम अव्यवस्थाओं के बीच राज्य का युवा पलायन कर रहा है।
जाम ने छुड़ाए पसीने
एबीवीपी की रैली रेंजर्स ग्राउंड से शुरू होने से दो घंटे पहले ही प्रदेशभर से परेड ग्राउंड में वाहनों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। इसके चलते सुबह से ही जाम के हालात बन गए। दोपहर करीब 12:30 बजे जैसे ही रैली निकलनी शुरू हुई तो आसपास के कई इलाकों के रास्ते बंद कर दिए गए। इस वजह से कई सड़कों पर लंबा जाम लग गया।