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देहरादून: डकैती में पकड़े गए अरशद ने किए कई खुलासे, प्लेटिनम और हीरे जड़ित जेवर बरामद 

Sat, 05 Oct 2019 08:56 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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पकड़ा गया आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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अभिमन्यू क्रिकेट एकेडमी के मालिक ईश्वरन की कोठी में हुई डकैती में पकड़े गए दिल्ली के सराफ अरशद ने खुलासा किया कि वह अब तक डकैतों से करीब पांच बार जेवरातों की खरीद-फरोख्त कर चुका है। इस बार जेवर पहले से कहीं ज्यादा थे।

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दूसरे सराफ की मदद से इनमें से कुछ गहनों को बेचकर उसे दस हजार रुपये कमीशन मिला था। अरशद के पास से पुलिस ने 11 हजार रुपये और व्हाइट गोल्ड (प्लेटिनम और हीरे जड़ित) के जेवर बरामद किए हैं। इन जेवरातों को बदमाश इसके पास बेचने के लिए छोड़ आए थे। पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

 अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी के मालिक आरपी ईश्वरन की कोठी में डकैती के मामले में एसओजी प्रभारी ऐश्वर्य पाल और आईजी रेंज ऑफिस में तैनात उप निरीक्षक यासीन की टीम ने सराफ अरशद (निवासी बुलबुलेखाना, सीताराम बाजार, दिल्ली) को चांदनी महल थाना क्षेत्र से बृहस्पतिवार रात गिरफ्तार कर लिया था। रात को ही पुलिस इसे लेकर देहरादून पहुंची। पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने आरोपी अरशद से पूछताछ के आधार पर बताया कि इसकी दिल्ली के तितली बाजार में अल अरशद के नाम से सराफ की दुकान है। डकैती में जेल गया अदनान उसका भांजा है।
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ईश्वरन की कोठी से लूटे गए जेवर लेकर हैदर, अदनान आदि अरशद के पास ही लेकर गए थे। उसके बाद अरशद इन आभूषणों को गलाने दरीबा चला गया था। वहां काफी लोग आभूषणों को गलाने का काम करते हैं। उसके बाद जिन जेवरातों को गला लिया गया था उन्हें अरशद ने तितली बाजार स्थित एक सराफ को 33 लाख 80 हजार रुपये में बेच दिया था। इसके बदले उसे 10 हजार रुपये कमीशन मिला था। 

एसपी चौबे ने बताया कि व्हाइट गोल्ड से जुड़े जेवरात गल नहीं पाए थे। अदनान इन जेवरों को अरशद के पास ही बेच देने की बात कहकर छोड़ गया था। इन जेवरातों को पुलिस ने अरशद की दुकान से बरामद कर लिया है। इनमें झुमके, टॉप्स, कड़ा, लॉकेट, चेन, सोने का कड़ा, झुमके आदि शामिल हैं। इनकी कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। सीओ मसूरी अरविंद सिंह रावत और एसओ राजपुर अशोक राठौड़ इस दौरान मौजूद रहे।  

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आसान नहीं थी अरशद की गिरफ्तारी

दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में सराफ अरशद की गिरफ्तारी आसान नहीं थी। पुलिस तीन दिन से उसकी तलाश में जुटी हुई थी। अरशद का घर ऐसी गलियों से था, जहां से उसे पकड़ना नामुमकिन था। एसओजी प्रभारी ऐश्वर्य पाल और उप निरीक्षक यासीन ने दुकान के बाहर से उसे उठाने की योजना बनाई थी। दो अक्तूबर को अवकाश होने के कारण दुकान बंद थी।

पुलिस बृहस्पतिवार सुबह अरशद की टोह में जुट गई थी। अरशद जैसे ही आया पुलिस ने बिना देर किए उसे कार में डाला और तुरंत सीधे चांदनी महल थाने की चौकी में पहुंच गए। कुछ देर बाद उसके मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंच गए। लेकिन दिल्ली पुलिस ने सबको समझा बुझाकर चलता किया। बाद में आरोपी की निशानदेही पर डकैती का माल बरामद किया गया। 

डकैती के जेवरात खरीदने वाले दूसरे सराफ से भी पुलिस पूछताछ करेगी। यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि सराफ ने यह माल किस आधार और दाम पर खरीदा था। खरीदारी संबंधी दस्तावेज उपलब्ध न कराने की स्थिति पर संबंधित सराफ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 
-अरुण मोहन जोशी, एसएसपी
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