पछवादून क्षेत्र में राधा अष्टमी का पर्व असीम आस्था और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विकासनगर और सेलाकुई क्षेत्र में जगह-जगह भजन-कीर्तन और भंडारों का आयोजन हुआ। मंदिरों में राधा-कृष्ण के जयकारे गूंजते रहे और श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए।
विकासनगर स्थित गीता भवन मंदिर में शुक्रवार रात भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। वृंदावन धाम से पधारे श्रीजी और सखीजी ने अपनी मधुर गायकी से श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में भक्तों ने भगवान के दिव्य दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान गीता भवन समिति के जगदीश लाल अरोड़ा, डॉ. डीके भंडारी, पंडित धर्मेंद्र डंगवाल, हरिओम कोहली, चंद्रपाल साहनी, सवी आनंद, संजय कालरा और अरुण साहनी समेत बड़ी संख्या में धर्म प्रेमी उपस्थित रहे।
शिव मंदिर में पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर हुआ कीर्तन
उधर, कैनाल रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर में शनिवार सुबह राधा रानी का विधिवत स्नान कराया गया। इसके बाद महिलाओं ने मिट्टी के बर्तनों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर भजनों का गायन किया। सांध्यकालीन महाआरती के बाद ढोल की थाप पर श्रद्धालु देर तक भक्ति में मगन रहे। रात्रि भोग के उपरांत विशाल भंडारा लगाया गया। आयोजन को सफल बनाने में अनीता रोहिला, किरण बेनिवाल, ज्ञानेंद्र रोहिला, राजकुमार रोहिला और मनीष गुप्ता का विशेष योगदान रहा।
सेलाकुई में कढ़ी-चावल का बंटा प्रसाद
सेलाकुई में भी राधा अष्टमी पर्व की खासी धूम रही। स्थानीय व्यापारियों द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सुबह पंडित संजय ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना व आरती संपन्न कराई। शुरुआत में भक्तों को खीर का प्रसाद बांटा गया। इसके बाद दोपहर में विशाल भंडारा शुरू हुआ, जिसमें राहगीरों व स्थानीय निवासियों ने कढ़ी-चावल का प्रसाद छकाया। व्यापारी राजीव गुप्ता ने पर्व का महत्व बताते हुए कहा कि राधा रानी के बिना भगवान श्रीकृष्ण की आराधना अधूरी है। इस आयोजन में पूजा गुप्ता, संजीव, निकिता गुप्ता और शशि ने मुख्य रूप से सहयोग प्रदान किया।