कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित लोकतंत्र बचाओ यात्रा में बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। पूर्व कैबिनेट मंत्री नवप्रभात के आह्वान पर अंबाड़ी से हरबर्टपुर चौक तक निकली यात्रा का विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया गया। यात्रा में पूर्व कैबिनेट मंत्री, प्रीतम सिंह और मंत्री प्रसाद नैथाणी ने भी भागीदारी की। कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री व चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार का मुद्दा गंभीर है। उन्होंने कहा कि वोट चोरी और चंदा चोरी जैसे आरोपों पर जनता के सामने जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने नवप्रभात को मजबूत नेता बताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से कांग्रेस की संगठनात्मक ताकत का पता चलता है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री मंत्री प्रसाद नैथाणी ने कहा कि नवप्रभात ने सरकार को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के साथ मातृशक्ति के सम्मान का सवाल भी गंभीर है। उन्होंने अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय की मांग दोहराते हुए इसके लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि आने वाला समय कांग्रेस का होगा।
समापन पर पूर्व कैबिनेट मंत्री नवप्रभात ने कहा कि विकासनगर का व्यापारी परेशान है। जगह-जगह सड़कें खराब होने से व्यापार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क और विकास कार्यों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस आगे आंदोलन करेगी। उन्होंने लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों की लड़ाई जारी रखने की बात कही और लोगों से कांग्रेस से जुड़ने का आह्वान किया।
यात्रा में पछवादून जिलाध्यक्ष संजय किशोर, शहर अध्यक्ष विकास शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष अभिनव ठाकुर, हरबर्टपुर नगर अध्यक्ष आशीष पुंडीर, प्रदेश सचिव शम्मी प्रकाश, कुसुम कौशल, मधु कपिल, शशि चौहान, सोहेल पक्ष, इमरान खान, विनय जायसवाल, मोहित बिष्ट आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
राहुल-प्रियंका के साथ दिल्ली में हुई बर्बरता लोकतंत्र पर हमला
पछवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष संजय किशोर ने कहा कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर क्षेत्र में लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों के साथ पुलिस द्वारा किया गया व्यवहार बेहद निंदनीय और लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला है। यह लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज को दबाने का प्रयास है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह की बर्बरता किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जा सकती। केंद्र सरकार को विपक्ष की आवाज दबाने के बजाय उठाए जा रहे गंभीर सवालों का जवाब देना चाहिए। कांग्रेस लोकतंत्र, संविधान और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक मजबूती से संघर्ष करती रहेगी। इस घटना के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता पूरे देश में लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेंगे।