एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि हरिद्वार निवासी शिकायतकर्ता ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने यूट्यूब पर ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट विन अड्डा का विज्ञापन देखा था। इसके बाद साइबर ठगों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप के जरिये उससे संपर्क किया। ठगों ने कम रकम निवेश कर अधिक लाभ कमाने का झांसा दिया। उनके झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने वर्ष 2025 में अलग-अलग समय पर कुल 1,77,53,960 रुपये गंवा दिए।
शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों और उनमें हुए लेनदेन की जांच शुरू की। बैंक खातों के विश्लेषण में पता चला कि शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम में से करीब 14 लाख रुपये एक बैंक खाते में पहुंचे थे। इस खाते में चार महीने के दौरान करीब 95 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन भी सामने आया। पुलिस ने बैंक खाते के खाताधारक की पहचान राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के लाडनूं थाना क्षेत्र निवासी 41 वर्षीय किशोर पुत्र मदन लाल के रूप में की। महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने के बाद एसटीएफ की टीम ने लाडनूं पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि मामले में आरोपी की भूमिका और बैंक खातों के जरिये हुए अन्य लेनदेन की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि साइबर ठगी की रकम किन-किन खातों में भेजी गई और इस नेटवर्क में अन्य कौन लोग शामिल हैं। उन्होंने अपील की है कि ऑनलाइन गेमिंग, निवेश या किसी भी तरह के अधिक मुनाफे का लालच देने वाली वेबसाइट और अज्ञात लोगों के झांसे में न आएं। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या रकम ट्रांसफर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।