केस-03 : लैंडमार्क के नाम हटा दिए
मतदाता सूची में स्थान का भी स्पष्ट जिक्र नहीं किया गया। पहले राजपुर रोड पर मतदाता सूची में मतदाताओं के पते में उनके पते की स्थिति साफ थी। जैसे- आरटीओ ऑफिस, फॉरेस्ट सहित अन्य लैंडमार्क दिखाए गए थे। इस बार जो वोटर लिस्ट आई है उसमें मात्र राजपुर रोड ही लिखा गया है। जबकि, राजपुर रोड घंटाघर से शुरू होकर काफी आगे तक है।
केस-04 : बूथ ही दूर कर दिया
चौथी बड़ी समस्या यह है कि इस बार बूथों को बदला गया है। बूथ का चयन करने में मतदाताओं की सहूलियत को नहीं देखा गया। जैसे खदरी मोहल्ला निवासी गगन सेठी, राजेश माठा आदि का पहले बूथ शिवाजी धर्मशाला था और व्यावहारिक तौर पर उनके नजदीक भी यही बूथ है। लेकिन, नई वोटर लिस्ट में उनका बूथ बदलकर जीजीआईसी में कर दिया, जो उनके घर से काफी दूर है।
त्रुटियों से पार पाना बड़ी चुनौती होगी
निकाय की मतदाता सूची जारी करने के दो दिनों के अंदर नाम, पते में गलती, बूथ में गलतियों की भरमार मिली है। हालांकि, अभी मतदाता सूची में संशोधन हो सकता है। गलतियों को सुधारा जा सकता है। इसी के लिए सात दिन का समय आपत्तियां दर्ज कराने का रखा गया है। पहले दो दिनों में जिस प्रकार से गलतियां सामने आ रही हैं। उससे साफ है कि मतदाता सूची में इन गलतियों से पार पाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।