जीवनदायनी 108 सेवा के इंतजार में एक बच्चा पांच घंटे तक 108 एबुलेंस आने के इंतजार में बुखार से तड़पता रहा। ऐसे में लाचार मां-बाप बाद में खुद ही स्थानीय लोगों की मदद से बच्चे को उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे।
मंगलवार तड़के 4 बजे नैनगांव निवासी दिल सिंह के पांच साल के बेटे वैभव को तेज बुखार आया। परिजनों ने 108 सेवा को कॉल करके मदद की गुहार लगाई तो पता चला कि नैनबाग स्थित 108 वाहन खराब हैं। 108 से बताया गया कि मसूरी से वाहन भेजा जाएगा।
जब आठ बजे तक भी मसूरी से एबुलेंस नहीं पहुंची तो बच्चे के मजदूर पिता ने स्थानीय लोगों से मदद की गुहार लगाई तब गांव के श्याम सिंह चौहान ने अपने निजी वाहन से पीड़ित बच्चे को विकासनगर हॉस्पिटल पहुंचाया। बच्चे की हालत में अब सुधार है। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में शासन-प्रशासन की लचर कार्य प्रणाली पर आक्रोश व्याप्त है।