ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
दिल्ली में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से वार्ता के बाद ट्रक ऑपरेटर्स ने शुक्रवार रात हड़ताल खत्म कर दी। बीते सात दिन से चल रही हड़ताल के कारण करीब 900 करोड़ का कारोबार प्रभावित हो चुका था, ऐसे में हड़ताल खत्म होने के बाद शनिवार से व्यवस्थाएं फिर से पटरी पर लौटने की उम्मीद है।
देहरादून ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन के महामंत्री अशोक ग्रोवर ने बताया कि ट्रक ऑपरेटर्स की हड़ताल सफल रही। देर शाम केंद्रीय परिवहन मंत्री के साथ वार्ता में तृतीय पक्ष बीमा प्रीमियम निर्धारण में पारदर्शिता के साथ ही जीएसटी में छूट की मांग की गई थी। इसमें पहले 28 प्रतिशत जीएसटी था, जिसमें से सरकार ने 15 प्रतिशत जीएसटी कम कर दिया है। आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस और उत्तराखंड परिवहन महासंघ के आह्वान पर देहरादून ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन बीती 20 जुलाई से देशव्यापी हड़ताल पर थी। प्रदेश में दो लाख ट्रकों के पहिए थम गए थे। विभिन्न राज्यों से माल नहीं आने के चलते उद्योगों के साथ ही अन्य कारोबार प्रभावित हो रहे थे। उत्तराखंड परिवहन महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दलजीत सिंह मान ने मिठाई बांटकर जश्न मनाया। इस मौके पर संगठन के प्रधान हरभजन सिंह मान, वरिष्ठ प्रधान गुलजार सिंह, उप प्रधान गुरबख्श सिंह, उप सचिव नवनीत ओबराय, कोषाध्यक्ष राजकुमार नागपाल, उप कोषाध्यक्ष दलबीर सिंह कलेर, दून कैरीइंग के दीपक अग्रवाल, वरिष्ठ मंत्री अजय कथूरिया, संगठन मंत्री दिलावर सिंह, राजेंद्र धवन, सिटी बस महासंघ के विजयवर्धन डंडरियाल, आटो यूनियन अध्यक्ष पंकज अरोड़ा आदि मौजूद रहे।
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यह मांगें हुई पूरी
- देश में सभी टोल बैरियर समाप्त किए जाएं।
- ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर टीडीएस समाप्त किए जाएं।
- बसों और पर्यटक वाहनों के लिए नेशनल परमिट जारी किए जाएं।
- डायरेक्ट पोर्ट डिलीवरी (डीपीडी) को खत्म किया जाए।
- तृतीय पक्ष बीमा प्रीमियम निर्धारण में पारदर्शिता के साथ ही जीएसटी में छूट।
- वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट की वैधता बढ़ाकर दो साल की जाएगी।