शुक्रवार को किसानों ने मध्य प्रदेश में किसानों के साथ हुई बर्बरता के विरोध में देशव्यापी आंदोलन किया। इसमें उत्तराखंड किसान मोर्चा की ओर से पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहले पंचायत की और बाद में हाईवे जाम किया गया। दोपहर में मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में किसान प्रशासनिक भवन में एकत्रित हुए और यहां से किसान जुलूस के रूप में सिविल लाइंस, हरिद्वार राजमार्ग से होते हुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आवास के बाहर हाईवे पर धरना में बैठ गए। इस दौरान दिल्ली-हरिद्वार एवं देहरादून तीनों हाईवे जाम हो गए। इसके चलते शहर में भी चारों ओर जाम ही जाम लग गया। यातायात की व्यवस्था बिगड़ते हुए देख ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित, तहसीलदार मंजीत सिंह गिल समेत पुलिस के कई अफसर किसानों को मनाने के लिए मौके पर पहुंच गए।
मोर्चा अध्यक्ष गुलशन रोड ने कहा कि किसानों को बहकाकर भाजपा केंद्र एवं प्रदेश में तो आ गई है, लेकिन अब भाजपा सरकारों को किसानों की जरा भी चिंता नहीं है। इससे पूर्व अखिल भारतीय किसान यूनियन ने यूपी के नारसन बार्डर को सील कर दिया। किसानों ने करीब साढ़े बारह बजे बार्डर के हाईवे पर जाम लगाकर यूपी एवं उत्तराखंड की सीमा सील कर दी। सीमा सील होने की सूचना पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित प्रशासन एवं पुलिस की टीम के साथ किसानों के पास पहुंचे। उन्होंने किसानों को बमुश्किल समझा-बुझाकर शांत किया, तब जाकर यूपी एवं उत्तराखंड के बीच यातायात शुरू हुआ। यहां अखिल भारतीय किसान के अध्यक्ष रामपाल ने कहा कि किसानों का उत्पीड़न अब किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब सरकारों से आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी, इसके बाद या तो सरकार ही रहेंगी या फिर किसान।