भगवान शिव के कई मंदिर भारत में हैं। लेकिन यहां पर 900 साल पुराना शिव मंदिर मिला है। शिव मंदिर को देखकर सभी हैरान हैं। आगे जानिए मंदिर के बारे में अहम बातें...
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80 से अधिक धरोहरें भगवान भरोसे
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900 yearl old temple
यह मंदिर हाल ही में अल्मोड़ा जिले का चौखुटिया में खुदाई के दौरान मिला था। लेकिन बाद में इसकी महत्ता को देखते ही खुदाई रोक दी गई। आज कल यह मंदिर फिर सुर्खियों में है। दरअसल, भारतीय पुरातत्व विभाग ने इसकी खुदाई की अनुमति दे दी है। इस मंदिर को देखने के लिए लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। पुरातत्व विभाग भी मंदिर के बारे में जानकारी जुटा रहा है।
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वक्रमुंडेश्वर महादेव मंदिर के नाम से विख्यात मंदिर के बारे में पुरातत्व विभाग के चंद्रसिंह चौहान ने अमर उजाला को बताया कि खुदाई के लिए आदेश हो चुके हैं। जल्द ही इसके बारे में अन्य जानकारियां जुटाई जाएंगी। पुरातत्व विभाग का अनुमान है कि ये मंदिर करीब नौ सौ साल पुराने हो सकते हैं।
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900 yearl old temple
क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई अधिकारी चौहान ने बताया कि कस्बे के वक्रमुंडेश्वर महादेव मंदिर में बीते दिनों स्थलीय निरीक्षण के बाद शिव मंदिरों की श्रृंखला की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने मंदिर के बारे में कई जानकारियां जुटाई।
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स्थानीय लोगों से मामले की जानकारी ली जा रही है। भगवान भरोसे अल्मोड़ा में धरोहर अल्मोड़ा जिले में ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण तथा पुरातत्व विभाग के अधीन संरक्षित तथा संरक्षण के लिए चिह्नित 80 से अधिक धरोहरें भगवान भरोसे हैं।
बता दें कि, इतिहास और संस्कृति की वाहक इन धरोहरों की सुरक्षा की केंद्र तथा राज्य सरकार को कोई चिंता नहीं है। राज्य के अंतर्गत क्षेत्रीय पुरातत्व विभाग ने कुमाऊं मंडल में 26 धरोहरों को संरक्षित किया है। इसमें अल्मोड़ा जिले में 12, बागेश्वर में दो, पिथौरागढ़ में चार और चंपावत में आठ धरोहरें शामिल हैं। इसके अलावा विभाग ने 13 अन्य धरोहरों को भी संरक्षण के लिए चिन्हित किया है।