राज्य में कोई होटल नहीं कर रहा प्रदूषण नियंत्रण कानूनों का उल्लंघन!
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो राज्य में कोई भी ऐसा होटल नहीं है जो प्रदूषण नियंत्रण कानूनों का उल्लंघन कर रहा हो। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मंडलीय अधिकारियों की इस रिपोर्ट पर बोर्ड के सदस्य सचिव भी हैरान हैं। मंडली अधिकारियों की इस शिथिलतापूर्ण कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि ने सभी मंडलीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे एक माह 25 होटलों का स्वयं भौतिक सत्यापन करें और इस बात का प्रमाणपत्र बोर्ड को सौंपे कि होटल द्वारा पोषण नियंत्रण नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं?
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव ने अपर मुख्य सचिव वन के आदेशों के बावजूद किसी भी होटल पर प्रदूषण नियंत्रण कानून का उल्लंघन करने के मामले में जुर्माना नहीं लगाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उल्लेखनीय है कि शासन ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को आदेश जारी किया था कि राज्य में जो भी होटल संचालक प्रदूषण नियंत्रण कानूनों का उल्लंघन कर रहे हों या होटलों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था नहीं है। ऐसे होटल संचालकों पर प्रतिदिन 5000 रुपये की दर से जुर्माना लगाया जाए, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि दो माह बाद भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने जुर्माना लगाना तो दूर उन्हें एक भी ऐसा होटल नहीं मिला है जो प्रदूषण नियंत्रण कानूनों का उल्लंघन कर रहा हो। जबकि हकीकत यह है कि राज्य में हजारों की संख्या में ऐसे छोटे बड़े होटल हैं जो प्रदूषण नियंत्रण कानूनों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। इस पर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने भी कड़ी नाराजगी जताई थी।
सदस्य सचिव ने सभी अधिकारियों के साथ बैठक की और जानकारी चाही कि कितने होटलों पर जुर्माना लगाया गया तो सभी अधिकारियों ने यह तर्क देकर पल्ला झाड़ लिया कि उनके क्षेत्र में एक भी ऐसा होटल नहीं है जो प्रदूषण कानूनों का उल्लंघन कर रहा हो। इस पर सदस्य सचिव एसपी ने हैरानी जताते हुए सभी मंडली अधिकारियों को हिदायत दी कि वह हर माह 25 होटलों की जांच करने के साथ ही इसका प्रमाणपत्र बोर्ड को सौंपे। उनका यह भी कहना है कि वे स्वयं होटलों का भौतिक सत्यापन कराएंगे और यदि किसी भी क्षेत्र में ऐसा होटल पाया गया तो संबंधित मंडलीय अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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सभी मंडलीय अधिकारियोें को एक माह में 25 होटलों का भौतिक सत्यापन करने के साथ ही रिपोर्ट तलब की गई है। शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
- एसपी सुबुद्धि, सदस्य सचिव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड