ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
सेंट मैरीज सीनियर सेकेंड्री स्कूल में आयोजित कार्यशाला में छात्रों को परीक्षा के डर (एग्जाम फोबिया) से दूर रहने के गुर सिखाए। कार्यशाला में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मुदित अग्रवाल और डॉ. पलक अग्रवाल ने कहा कि परीक्षा के डर को दूर करने के लिए छात्रों को सकारात्मक सोच रखना आवश्यक है। साथ ही शिक्षकों को विद्यालय में शिक्षा के लिए तनावमुक्त प्राकृतिक माहौल बनाने की सलाह दी।
कार्यशाला में बताया कि छात्र इस दबाव में रहते हैं कि कितनी पढ़ाई करें कि पेपर में आने वाले सारे सवालों को आसानी से हल कर सकें और अच्छे अंक प्राप्त करें। वहीं कुछ छात्रों को कॉलेज टॉप करने की चिंता रहती है। इसके अलावा माता-पिता को भी छात्रों से उम्मीद रहती है। कई बार स्कूल मैनेजमेंट भी नाम की खातिर बच्चों पर अच्छे अंक लाने का दबाव बनाते हैं। इस स्थिति के कारण छात्रों को चिंताएं घेर लेतीं हैं। यदि अभिभावक, शिक्षक और छात्र जरा सी सावधानी बरतें और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें तो पढ़ाई के तनाव को समाप्त किया जा सकता है। पढ़ाई के साथ ही आराम का समय भी निर्धारित हो। आशावादी सोच बनाएं और सकारात्मक सोचें। तनाव दूर करने के लिए दवा का सेवन करने के बजाया व्यायाम और मधुर संगीत का सहारा लेना चाहिए। इस दौरान विद्यालय की प्रधानाचार्य सिस्टर आराधना, समता, रजनी आदि मौजूद रहे।