ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
19 जून को हाईकोर्ट ने स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (साडा) क्षेत्र में अतिक्रमण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश प्रदेश सरकार को दिए थे। इसके लिए तीन माह में एसआईटी गठित करने के भी आदेश दिए गए थे, लेकिन डेडलाइन समाप्त होने में मात्र तीन दिन शेष हैं, बावजूद एसआईटी गठित नहीं हुई। इससे जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
साडा क्षेत्र के तहत हरबर्टपुर, विकासनगर और दून टाउन से लगे इलाकों में अनाधिकृत निर्माण कराने में संलिप्त साडा अधिकारियों के खिलाफ हाईकोर्ट ने कार्रवाई के आदेश देते हुए एसएसपी और आईजी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर अतिक्रमण की जांच कराने को कहा था। इसके बाद अवैध निर्माण में लगे अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा गया था। हाईकोर्ट ने आदेश के दिन से आठ सप्ताह में मुकदमा दर्ज करने के भी निर्देश दिए थे। मुकदमा दर्ज करने की समयसीमा पहले ही खत्म हो चुकी है। अब तीन महीने में एसआईटी गठित करने की डेडलाइन पूरी होने में भी मात्र तीन दिन बचे हैं। मामले की जांच कर रहे गढ़वाल कमिश्नर शैलेश बगौली ने भी पांच सितंबर को शासन को पत्र लिखकर एसआईटी गठित करने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन उस पर भी कोई एक्शन नहीं लिया गया है।
शुरू से सुस्त सरकार का रवैया
अतिक्रमण के लिए जिम्मेदार साडा अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर सरकार का रवैया शुरू से सुस्त रहा। हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराने की जिम्मेदार अपर सचिव भूपाल सिंह मनराल को सौंपी थी, लेकिन लिखित में आदेश नहीं मिलने पर उन्होंने मामले में कार्रवाई नहीं की। इस पर एक्शन लेते हुए शासन ने 13 जुलाई को मामले की जांच गढ़वाल कमिश्नर शैलेश बगौली को सौंप दी थी।
हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए पांच सितंबर को शासन को पत्र लिखकर एसआईटी गठित करने का प्रस्ताव भेजा गया था। जल्द दोबारा प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- शैलेश बगौली, गढ़वाल कमिश्नर