राज्य में बडे़ निजी अस्पताल करेंगे इलाज
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजनाओं में से एक ‘आयुष्मान भारत योजना’ के क्रियान्वयन में राज्य के बड़े निजी अस्पतालों के साथ ही देश के नामी अस्पतालों के संचालकों ने भी दिलचस्पी दिखाई है। शनिवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक युगल किशोर पंत की अध्यक्षता में हुई बैठक में 38 अस्पतालों के प्रतिनिधियों, मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
आयुष्मान भारत योजना के तहत राज्य के 538000 परिवारों, सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियोें को योजना का लाभ दिया जाना है। योजना के क्रियान्वयन के लिए एनएचएम के राज्य परियोजना निदेशक युगल किशोर पंत ने शनिवार को अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि सरकार सभी बीमा योजनाओं को एक ही छत के नीचे लाने पर विचार कर रही है। राज्य में आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्टेट हेल्थ एजेंसी को दी गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य सरकार की ओर से संचालित यू हेल्थ योजना, एमएसबीवाई, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजनाओं को स्टेट हेल्थ एजेंसी के माध्यम से ही संचालित किया जाना है। आयुष्मान भारत योजना के लिए नियुक्त बीमा कंपनी ही अन्य योजनाओं के संचालन के लिए उत्तरदायी होगी।
नोडल अधिकारी डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसे राज्य में जल्द ही लागू कर दिया जाएगा। एनएचएम के तहत देश के 10 करोड़ परिवारों को पांच लाख रुपये का बीमा किया जाना है। जिसके लिए अस्पतालों का चयन एवं सूचीबद्ध किए जाने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने ने कहा कि राज्य में आयुष्मान भारत योजना को तेलंगाना राज्य की तर्ज पर लागू किया जाएगा। इसके लिए वहां के साफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाएगा।
स्टेट हेल्थ एजेंसी के अफसरों ने बताया कि राज्य में संचालित एमएसबीवाई, यू हेल्थ योजना के लिए निर्धारित उपचार की पैकेज दरें आयुष्मान भारत योजना की तुलना में कम हैं। इस दौरान तुलनात्मक अध्ययन में पाया गया कि एनएचएम के लिए निर्धारित पैकेज दरें राज्य में संचालित योजनाओं की दरों से 70 प्रतिशत अधिक हैं।
बैठक में आयुष्मान भारत योजना के अपर परियोजना निदेशक बंशीधर तिवारी, एनएचएम निदेशक डॉ. अंजली नौटियाल, डॉ अमलेश कुमार सिंह, स्टेट हेल्थ एजेंसी के अधिकारियों, मेदांता गुरुग्राम, आर्टिमिस चिकित्सालय गुरुग्राम, वेलेटिंस कैंसर अस्पताल मेरठ, मेडिकल कॉलेज जौलीग्रांट, कैलाश अस्पताल, सुभारती मेडिकल कॉलेज एवं कालिंदी अस्पताल देहरादून सहित कई अस्पतालों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।