सरकार के खिलाफ जुबान खोलने वाले योगगुरू बाबा रामदेव का कच्चा चिट्ठा खुल गया है। रामदेव के पतजंलि योग पीठ समेत अन्य संस्थाओं पर 81 मामले दर्ज हुए हैं।
हरिद्वार की जिलाधिकारी की ओर से बेनामी जमीन, जमीन के दुरुपयोग, स्टांप चोरी और अवैध कब्जे आदि पर नोटिस जारी कर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बुधवार को मीडिया में इसका खुलासा करते हुए रामदेव को नैतिकता का अर्थ समझने को कहा।
उनका कहना है कि इसका कोई दूसरा अर्थ नहीं निकालना चाहिए ट्रस्ट के इस कारनामे से सरकार को करोड़ों का राजस्व नुकसान हुआ है।
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राजस्व चोरी की बात सामने आई
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरिद्वार की जिलाधिकारी निधि पांडेय ने रामदेव के ट्रस्ट की जांच पड़ताल की तो करोड़ों की धांधली और राजस्व चोरी की बात सामने आई।
उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के खिलाफ फिलहाल 81 मामले दर्ज हुए हैं। जल्द ही कुछ और मामले भी दर्ज कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि हरिद्वार के गांव शांतरशाह और औरंगाबाद में ग्राम सभा और सरकार की करीब 7.766 एकड़ भूमि पर कब्जा किया गया है। जिसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।
व्यावसायिक इस्तेमाल की संभावना
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिलाधिकारी ने ऐसी कई एकड़ जमीन का भी पता लगाया है जो पतजंलि योगपीठ के पक्ष में है लेकिन बेनामी है। उनका मालिकाना हक किसके पास है इसका अता-पता नहीं है।
इसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। पतजंलि यूनिवर्सिटी के नाम पर 387.5 एकड़ जमीन औरंगाबाद और शिवदासपुर-तेलीवाला में भी खरीदी गई। जबकि 20 एकड़ जमीन भी यूनिवर्सिटी के काम नहीं आ रही है। जबकि बाकी भूमि पर खेती हो रही है। जिसका भविष्य में व्यावसायिक इस्तेमाल होने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि 84.86 एकड़ जमीन मुस्तफाबाद गांव में सीधे पतजंलि फूड एंड हर्बल पार्क के लिए खरीदी गई। जबकि इसकी सूचना जिला प्रशासन को नहीं दी गई। इस पर जमीदारी उन्मूलन भूमि सुधार अधिनियम की धारा 167 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
धारा 167 के तहत कार्रवाई
वहीं आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड रिसर्च के नाम पर 141.17 एकड़ भूमि भी मुस्तफाबाद गांव में खरीदी गई। जबकि वहां पर पतजंलि योग पीठ से जुड़े सभी उत्पादों जैसे जूस, तेल, शहद साबुना, टूथपेस्ट, शैंपू आदि का निर्माण और स्टोर बना है।
जमीन की खरीद के नियम व शर्तों में इसका हवाला नहीं था। इसके खिलाफ भी जमीदारी उन्मूलन भूमि सुधार अधिनियम की धारा 167 के तहत कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री का कहना है कि जमीदारी उन्मूलन भूमि सुधार अधिनियम की धारा 143 केतहत उन्हें जो लाभ मिले थे पतजंलि ने उसका उल्लघंन किया है। इसके लिए भी उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं।
योगपीठ को 52 मामलों में स्टांप चोरी के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। करीब दस करोड़ रुपए की राजस्व चोरी सामने आई है।
सीएम ने दी डीएम को बधाई
रामदेव के ट्रस्ट और संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई करने वाली हरिद्वार की जिलाधिकारी निधि पांडेय को मुख्यमंत्री ने बधाई दी है। उनका कहना है कि जिस तरह डीएम ने जानकारी जुटाई और धांधली का खुलासा किया है काबिले तारीफ है।
धांधली में शामिल अधिकारियों पर होगी कार्रवाई: सीएम
मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने रामदेव को जमीन मुहैया कराने में शामिल अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की बात कही है। उनका कहना है कि जिन अधिकारियों की मिलीभगत से धांधली हुई है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बात की जांच की जा रही है इसमें कौन से अधिकारी शामिल हैं।
81 नहीं, ठोंकने चाहिए थे 810 मुकदमे
केंद्र और उत्तराखंड सरकार बेवजह परेशान करने की नीतियों पर उतर आयी है। मुख्यमंत्री ने 81 मुकदमे दायर करने की बात कही है। 81 ही क्यों 810 मुकदमे ठोंकने चाहिए थे। सरकार की नीतियों से पतंजलि परिवार और स्वामी रामदेव भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना बंद नहीं करेंगे।
दुर्भाग्य का विषय है कि कालेधन के विरुद्ध आवाज उठाने से केंद्र और प्रदेश सरकार लगातार दमन चक्र चला रही है। यह पहले से पता था कि जब राष्ट्रवादियों के साथ खड़ा होकर स्वदेशी का बीज बोया जाएगा तब ये मुसीबतें तो उठानी ही पड़ेगी। एक मुख्यमंत्री अपने ही प्रदेश प्रतिष्ठान के खिलाफ प्रेसवार्ता बुलाए, देश में यह शायद पहली बार हुआ है।
-आचार्य बालकृष्ण, महामंत्री, पतंजलि योगपीठ
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