विधानसभा जा रहे चिकित्सकों को पुलिस ने रोका, नारेबाजी
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
देहरादून। स्वास्थ्य सेवाओं में होम्योपैथिक चिकित्सकों की भागीदारी सुनिश्चित करने समेत कई मांगों के समर्थन में चिकित्सकों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बृहस्पतिवार को विधानसभा की ओर कूच किया। होम्योपैथिक चिकित्सकों के विधानसभा की ओर जाने की सूचना पर पुलिस ने सभी को पहले ही रोक दिया। इससे भड़के चिकित्सकों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी।
इसके पहले होम्योपैथिक चिकित्सक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. प्रणव ममगाईं के नेतृत्व में धर्मपुर स्थित एलआईसी के भवन के बाहर एकत्र हुए चिकित्सक स्वास्थ्य सेवाओं में होम्योपैथिक चिकित्सकों की भागीदारी सुनिश्चित करने समेत विभिन्न मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. प्रणव ममगाईं ने कहा कि प्रदेश के पहाड़ी इलाके चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे हैं। इससे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है। वहीं एलोपैथिक चिकित्सक पर्वतीय क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देने से हिचक रहे हैं। प्रदेश में 700 से ज्यादा होम्योपैथिक के डिग्रीधारक चिकित्सक हैं और प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार हैं। इसके बावजूद सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। प्रदर्शन में डॉ. गौतम पंवार, डॉ. कुलदीप ममगाईं, डॉ. नरेश पैन्यूली, डॉ. विनीत काला, डॉ. हेमंत चौहान, डॉ. कृपाल बेलवाल, डॉ. शैलेंद्र कोटियाल, डॉ. अनुभव कुड़ियाल, डॉ. दीपिका सेमवाल, डॉ. चंद्रकला टम्टा आदि मौजूद रहे।
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ये हैं एसोसिएशन की मांगें
-होम्योपैथिक निर्देशालय की ओर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रोें में 101 होम्योपैथिक चिकित्सालयों की स्थापना करने वाले प्रस्ताव में जल्द से कार्रवाई की जाए।
-ईएसआई के अंतर्गत होम्योपैथी को भी शामिल किया जाए और ईएसआई चिकित्सालयों में होम्योपैथिक चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए।
-भारत और राज्य सरकार द्वारा आयोजित आयुष कार्यक्रमों में होम्योपैथिक चिकित्सकों को भी समान भागीदारी दी जाए।