फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जर्जर लाइन से बर्बाद हो रहा हजारों लीटर पानी

विज्ञापन
विज्ञापन
जर्जर लाइन से बर्बाद हो रहा हजारों लीटर पानी
विज्ञापन

ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
60 साल पुरानी सीमेंट से बनी पाइप लाइन जर्जर हो चुकी है, जिसके चलते रोजाना हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। जिससे करीब 50 हजार की आबादी को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी अमले की लापरवाही का आलम ये है कि 60 साल पुरानी नेहरू कॉलोनी की यह पाइप लाइन अमृत योजना में शामिल नहीं है।
करीब दो साल पहले जल संस्थान ने इस लाइन को बदलने की शुरुआत की थी। जिसके लिए संस्थान ने करीब तीन करोड़ का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। साथ ही संस्थान ने ये भी बताया था कि इस लाइन में लीकेज होने के कारण रोजाना हजारों लीटर पानी बर्बाद हो जाता है। वर्तमान में ये लाइन 18 जगह से लीक बताई जा रही है।
विज्ञापन

इसके बाद 2017 में भाजपा सरकार ने जल संस्थान के सभी नए कार्यों पर रोक लगा दी थी। साथ ही नई लाइनें डालने का काम पेयजल निगम को सौंप दिया था। जिसके बाद पेयजल निगम अमृत प्रोजेक्ट के तहत शहर में नई लाइनें डालने का काम कर रहा है। सरकारी अमले की लापरवाही का आलम ये है कि नेहरू कॉलोनी की 60 साल पुरानी यह पाइप लाइन अमृत योजना में शामिल नहीं है।
वहीं डालनवाला क्षेत्र में सीमेंट से बनी लाइन आठ जगह से लीकेज है और हर दिन करीब 20 हजार लीटर पानी बर्बाद हो जाता है। जिसका खामियाजा ईसी रोड, डालनवाला, करनपुर, परेड ग्राउंड आदि क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। हालांकि जल संस्थान नियमित रूप से इन लीकेजों को ठीक करने का दावा करता है, लेकिन संस्थान एक जगह से लीकेज बंद करता है तो दूसरी जगह लीकेज हो जाता है। इस कारण समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
विज्ञापन

-----------
लाइन पुरानी होने के कारण घिस गई है। जिस कारण वह बार-बार लीकेज हो जाती है। संस्थान ने कई बार इस लाइन को बंद करने के लिए पेयजल निगम को कहा है लेकिन बंद नहीं की गई। लाइन बेकार हो चुकी है। पिछले तीन माह में 15 जगह मरम्मत की जा चुकी है। अब यह लाइन चल नहीं पाएगी।
- मनीष सेमवाल, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें