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Dehradun News: पीएम आवास का 70 फीसदी लक्ष्य पूरा, अटल पेंशन से भी आठ लाख लोग सुरक्षित

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-राज्यसभा में सांसद महेंद्र भट्ट के पूछे सवाल पर मिला केंद्रीय मंत्री का जवाब
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-महेंद्र भट्ट ने की मरणोपरांत गौरा देवी को भारत रत्न देने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो

देहरादून। उत्तराखंड ने केंद्र की पीएम आवास योजना के तहत आवंटित आवासों का 70 फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिया है। दूसरी ओर, आठ लाख से अधिक लोगों का भविष्य अटल पेंशन योजना से सुरक्षित हो गया।

राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने राज्यसभा में इसको लेकर सवाल पूछा था। जवाब में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री तोखन साहू ने बताया कि पीएम आवास योजना 25 जून 2014 को शुरू हुई थी। आज स्वीकृत आवासों को पूरा करने के लिए वित्त पोषण पैटर्न और कार्यान्वयन पद्धति को बिना बदले योजना की अवधि 31 दिसंबर 25 तक बढ़ा दी गई है। उत्तराखंड के प्रस्ताव के आधार पर, मंत्रालय ने अब तक पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 2736 आवासों सहित पीएमएवाई-यू के तहत कुल 66,341 आवासों को स्वीकृति प्रदान की है। 24 नवंबर तक 45,124 आवास लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं। इस वित्त वर्ष में अब तक मंत्रालय ने इस वित्त वर्ष के दौरान पीएमएवाई-यू और पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत उत्तराखंड को 69.21 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता भी जारी की गई है।
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इसी प्रकार भट्ट के एक और सवाल पर वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि नौ मई 2015 को शुरू हुई अटल पेंशन योजना से उत्तराखंड में 8,91,202 लोग नामांकित किए गए हैं। 60 की उम्र होने पर पेंशन का लाभ मिलेगा। पेंशन का लाभ वर्ष 2035 से मिलना संभावित है।
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गौरा देवी को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने चिपको आंदोलन की प्रेरणा गौरा देवी को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की है। उन्होंने उच्च सदन में चिपका डाल्थु पर न कंटण दय्वा, पहाड़ों की संपत्ति अब न लूटण दय्वा... सुनाकर उनके पर्यावरण संरक्षण में दिए अतुलनीय योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि गौरा देवी उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली की जोशीमठ विकासखंड के रेणी गांव की ग्रामीण महिला थी, जिन्होंने अपने जीवन काल में पर्यावरण संरक्षण के लिए चिपको आंदोलन की शुरुआत की थी। आज इस आंदोलन को 53 साल पूरे हो गए। इसका परिणाम ही था कि तत्कालीन केंद्र सरकार ने 15 वर्षों तक हिमालयी राज्यों में पेड़ कटान को पूर्ण प्रतिबंधित कर दिया था।
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