उत्तरकाशी जिले के 133 गांवों में तीन महीने में एक भी बालिका का जन्म न होने की खबरों से मचे हल्ले के बीच महिला सशक्तिकरण विभाग नई जानकारी के साथ सामने आया है। महिला सशक्तिकरण विभाग ने साफ किया है कि तीन महीने में उत्तरकाशी के 133 गांवों में 62 बालिकाओं ने जन्म लिया है। इन गांवों में तीन महीने में जन्म लेने वाले बालकों की संख्या 160 है।
महिला सशक्तिकरण मंत्री रेखा आर्या ने उत्तरकाशी के जिला कार्यक्रम अधिकारी को आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, उनके प्रसव की स्थिति के आधार पर पड़ताल कर रिपोर्ट देने के लिए कहा था। यह रिपोर्ट सोमवार को विभागीय मंत्री को प्राप्त हो गई। महिला सशक्तिकरण मंत्री ने कहा है कि असल स्थिति ये ही है। इस मामले में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के स्तर पर जांच के आदेश दिए गए हैं। विभागीय मंत्री ने इस जांच में सहयोग के लिए अपने विभाग से भी ब्यौरे उपलब्ध कराए हैं।
ब्लाक का नाम आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या बालक बालिका योग
भटवाड़ी 29 24 12 36
डुंडा 27 44 12 56
चिन्यालीसौड़ 25 22 08 30
नौगांव 29 33 19 52
पुरोला 14 11 02 13
मोरी 34 26 09 35
कुल योग 158 160 62 222
आंकडे़ सही ढंग से पेश न किए जाने के कारण उत्तरकाशी जिले में बालिका जन्म को लेकर भ्रम की स्थिति बनी है। इससे उत्तराखंड की प्रतिष्ठा को देश दुनिया में धक्का पहुंचा है, जबकि असल स्थिति ये है कि लिंगानुपात की दर उत्तराखंड में लगातार सुधर रही है। सारी स्थितियों को साफ करने के लिए हमने अपने विभाग से भी पड़ताल कराई है, जिससे पता चल रहा है कि छह ब्लाक के 133 गांवों में 62 बालिकाओं का जन्म हुआ है।
-रेखा आर्या, महिला सशक्तिकरण मंत्री