11 पर्वतीय जिलों में सौर ऊर्जा से पैदा होगी 200 मेगावाट बिजली
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राज्य सरकार की ओर से सौर ऊर्जा नीति जारी होने के बाद 11 पर्वतीय जिलोें में 200 मेगावाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट लगाने की मंजूरी दे दी गई है। शासन से मंजूरी दिए जाने के साथ ही उरेडा की ओर से टेंडर भी जारी कर दिया गया है। इसके अलावा सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए रुफटाप योजना के तहत उरेडा के साथ ही अब यूपीसीएल भी हरिद्वार व देहरादून की सोलर प्लांट लगाएगा जिससे 2765 किलोवाट बिजली का उत्पादन होगा।
ऊर्जा सचिव राधिका झा ने बताया कि नई सौर ऊर्जा नीति के तहत पर्वतीय इलाकोें मेें सोलर प्लांट लगाने के लिए स्थानीय उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना के पहले चरण में 200 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इन परियोजनाआें पर कुल 900 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना को धरातल पर उतारने से बिजली उत्पादन तो होगा ही साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। इन परियोजनाओं की स्थापना से पर्वतीय क्षेत्रों में अनुप्रयुक्त भूमि के उपयोग से स्थानीय निवासियों की आय में भी वृद्धि होगी।
इसके अलावा पिरूल नीति के तहत पहले चरण में पांच मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है जिसके लिए भी टेंडर जारी कर दिया गया है। परियोजनाओें को लगाने में 50 करोड़ का पूंजी निवेश होगा। ऊर्जा सचिव राधिका झा के मुताबिक राज्य में बिजली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए यूजेवीएनएल की ओर से 45.1 मेगावाट क्षमता के मुुआनी, कमतोली एवं सेराघाट व पोखार लघु जलविद्युत परियोजनाआें पर काम किया जा रहा है। यूजेवीएनएन की इन परियोजनाओं पर 560 करोड़ का निवेश किया जाएगा। वहीं यूपीसीएल की ओर से हरिद्वार एवं देहरादून में कुल 2765 किलोवाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रुफ टाप योजना के तहत रखा गया है। योजनाओें पर 17.99 करोड़ का पूंजी निवेश होगा। इन सभी योजनाओं के टेंडर जारी कर दिए गए हैं।