ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
समग्र शिक्षा के तहत बुधवार से शिक्षकों का दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया। शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के कारण ज्यादातर स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हुई। वहीं, कुछ स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई। बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले प्रशिक्षण शुरू होने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
बुधवार को समग्र शिक्षा अभियान के तहत जूनियर और माध्यमिक स्तर के एलटी शिक्षकों की ट्रेनिंग शुरू हुई। गुरु नानक बालिका इंटर कॉलेज रेसकोर्स और नारी शिल्प स्कूल में रायपुर ब्लॉक के शिक्षकों का प्रशिक्षण हो रहा है। वहीं, डीएवी प्रेमनगर में सहसपुर ब्लॉक के शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू हुआ। नारी शिल्प में मुख्य शिक्षा अधिकारी आशारानी पैन्यूली ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने समग्र शिक्षा के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए शिक्षकों से प्रशिक्षण का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समय के साथ खुद को अपडेट करना आवश्यक है।
गणित, विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों के प्रशिक्षण में शामिल होने के कारण स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हुई। शहर के प्रमुख स्कूलों के ज्यादातर शिक्षक प्रशिक्षण में शामिल हैं। रामप्यारी इंटर कॉलेज के चारों प्रमुख विषयों के शिक्षक, हिंदू नेशनल इंटर कॉलेज से गणित व विज्ञान के शिक्षक और गांधी इंटर कॉलेज में आठ में से छह शिक्षक प्रशिक्षण में व्यस्त हैं। ऐसे में स्कूलों की पढ़ाई लगभग ठप हो गई है।
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प्रशिक्षण से शिक्षकों का ही फायदा है। लेकिन, इससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। ठीक बोर्ड परीक्षा से पहले दस दिन शिक्षकों के प्रशिक्षण में रहने से बच्चों को ही नुकसान होगा। शैक्षिक कैलेंडर में शिक्षकों के प्रशिक्षण का समय पहले ही निर्धारित होना चाहिए।
- अनिल नौटियाल, महामंत्री, माध्यमिक शिक्षक संघ
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प्रशिक्षण के लिए केंद्र सरकार से बजट सितंबर में आता है। इस वर्ष यह बजट दिसंबर में आया है। हमें फरवरी से पहले प्रशिक्षण देकर रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजनी है। अगर हम अभी प्रशिक्षण नहीं करवाते तो यह पूरा बजट लैप्स हो जाता। वहीं, भविष्य में भी हमें कोई बजट आवंटित नहीं होता।
- आशारानी पैन्यूली, मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून