पेयजल निगम के अधिकारी-कर्मचारी बृहस्पतिवार से मांगों को लेकर तालाबंदी करेंगे। तीन हजार से अधिक कर्मचारी राज्यभर के 60 कार्यालयों पर प्रदर्शन करेंगे।
अधिकारी-कर्मचारी समन्वय समिति मोहिनी रोड स्थित पेयजल निगम मुख्यालय पर कई दिनों से धरना दे रही है। कर्मचारियों ने मांगों के लिए 16 मार्च तक का समय दिया था, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
अब कर्मचारियों ने 17 मार्च से राज्य व्यापी तालाबंदी करने का निर्णय लिया है। समिति के अध्यक्ष एके चतुर्वेदी ने बताया कि इससे विभिन्न जगहों पर चल रहे पेयजल कार्य प्रभावित होंगे।
साइट विजिट या फाइल संबंधी कार्य आदि नहीं हो सकेंगे। कार्यालय अनिश्चितकाल के लिए पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेशों के बावजूद कार्मिकों के वेतन भत्तों और सेंटेज के अंतर की प्रतिपूर्ति अनुदान के रूप में भुगतान नहीं की जा रही है।
तीन महीनों से कर्मचारियों का वेतन नहीं मिल पाया है। कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मौके पर प्रवीन सिंह रावत, योगेंद्र सिंह, रामकुमार, ईश्वरपाल शर्मा आदि उपस्थित थे।
पेयजल मंत्री के घर के सामने देंगे धरना:
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को तीन महीने से पेंशन नहीं मिली है। लिहाजा पिछले कई दिनों से सेवानिवृत्त कर्मचारी भी पेयजल निगम मुख्यालय पर धरना दे रहे हैं। इन्होंने अनशन भी किया गया।
हालांकि, आश्वासन के बाद अनशन तो खत्म हो गया, लेकिन पेंशन नहीं मिली। एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश भंडारी ने बताया कि यदि 24 मार्च तक मांगें पूरी नहीं होती तो 25 मार्च को पेयजल मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी के यमुना कॉलोनी स्थित भवन के सामने धरना दिया जाएगा।