हरिद्वार में ठंड लावारिसों और बेघरों की जान पर भारी पड़ रही है। 28 दिसंबर से तीन जनवरी के बीच छह लोग ठंड से अपनी जान गंवा बैठे।
मरने वालों में एक महिला भी शामिल है। सभी मरने वाले बेघर थे। लावारिस शवों का संस्कार करने वाली सेवा समिति ने शवों का अंतिम संस्कार किया।
सेवा समिति के कार्यालय मंत्री रामपाल ने बताया कि 28 दिसंबर से तीन जनवरी तक हरिद्वार के विभिन्न स्थानों पर ठंड से अकड़े हुए छह शव मिले। संबंधित थाना क्षेत्रों की पुलिस की सूचना पर सेवा समिति ने इन शवों का अंतिम संस्कार कराया है।
ऐसे होती है ठंड से मौत
अत्यधिक ठंड से हाइपोथर्मिया हो जाता है। शरीर का तापमान बहुत नीचे चला आता है और अचानक दिल की धड़कन थम जाती है। जिससे व्यक्ति की मौत हो जाती है।
डॉ. मोहित चौहान, सीनियर फिजीशियन
मुझे जानकारी नहीं है कि इतने लोगों की मौत ठंड से हुई है। लेकिन जिन इलाकों में लोगों की मौत की बात सामने आई है, जांच कराई जाएगी। वैसे रैनबसेरों को दुरुस्त कराया गया है। निगम की एमएनए और सिटी मजिस्ट्रेट को निर्देश देकर शहर में जगह-जगह अलाव और बेघरों के लिए कंबलों की व्यवस्था कराई गई है।
डॉ. निधि पांडे, जिलाधिकारी हरिद्वार