ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ड्यूटी जाते या लौटते समय अगर परिवहन निगम के चालकों, परिचालकों और आउटसोर्सकर्मियों की किसी हादसे में मृत्यु हो जाती है तो उनके परिजनों को तत्काल 50 हजार की आर्थिक सहायता दी जाएगी। परिवहन निगम की निदेशक मंडल की बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिया गया। निगम के करीब साढ़े पांच हजार कर्मचारियों का इसका लाभ मिलेगा।
उत्तराखंड परिवहन निगम में कार्यरत चालकों और परिचालकोें की ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में अभी तक परिजनों को दो लाख की आर्थिक सहायता दी जाती थी, लेकिन आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए किसी भी स्थिति में ऐसी कोई सहायता नहीं दी जाती थी। लिहाजा वे लगातार मांग कर रहे थे कि ड्यूटी के बाद घर जाते या ड्यूटी आते समय हादसे में मृत्यु होने पर कर्मचारियों को एक निश्चित धनराशि मिलनी चाहिए, ताकि अंतिम संस्कार और क्रिया-कर्म के लिए परिजनों को परेशानी न हो।
निदेशक मंडल की बोर्ड बैठक में उनकी मांग पर मुहर लग गई। निर्णय लिया गया कि भविष्य में किसी भी चालक, परिचालक और आउटसोर्स कर्मचारियों की किसी भी हादसे के दौरान मौत होने की स्थिति में परिजन को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता तत्काल दी जाएगी। इस निर्णय पर उत्तराखंड रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के पदाधिकारियों ने खुशी जाहिर की है। प्रदेश महामंत्री रवि पचौरी ने कहा कि कर्मचारियों के हित में लिया गया यह फैसला सराहनीय है। इससे परिवहन निगम के कर्मचारियों के परिजनों को राहत मिलेगी।