अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
श्रावण मास के कांवड़ मेला व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी दीपक रावत की ओस से बुलाई गई बैठक में मेला क्षेत्र में अतिक्रमण तथा कब्जों को लेकर प्रशासनिक और सिंचाई विभाग के अधिकारी भिड़ गए।
एसडीएम सदर ने सिंचाई विभाग अवैध दुकानें लगवाकर अतिक्रमण कराने का आरोप जड़ा। उन्होंने डीएम को बकायदा व्हाट्स्एप पर एक दुकान के किराये की रसीद भी दिखाई। इस रसीद पर सिंचाई विभाग के कर्मचारी के दस्तखत होने बताए गए। आरोप का प्रतिवाद करते हुए सिंचाई खंड हरिद्वार के उप राजस्व अधिकारी एनएस कुंडरा ने जांच कराने की चेतावनी दी। डीआरओ ने कहा कि उनके किसी कर्मचारी ने रसीद काटी होगी तो कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने तत्काल जांच कर संबंधित कर्मचारी को निलंबित करने के निर्देश दिए। ऐसा नहीं होने पर एफआइआर दर्ज कराने की चेतावनी दी।
बैठक के बाद सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीके सिंह और डीआरओ एनएस कुंडरा ने कार्यालय पहुंच कर जांच की तो पाया कि विभाग ने ललतारौ रोड एक ऑटो स्टैंड की अनुमति मार्च 2017 तक दे रखी थी और उनके कर्मचारी ने अनुबंध के मुताबिक उसकी रसीद काटकर पैसा जमा कराया था। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि प्रशासन सुबह अतिक्रमण हटाता है और सिंचाई विभाग शाम को फिर अतिक्रमण करा देता है। उनके इस आरोप से सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीके सिंह भी ताव में आ गए। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी तथा राजनेता सिंचाई विभाग की मेला भूमि पर अतिक्रमण कराते हैं। डीआरओ ने जिलाधिकारी को बताया कि सिंचाई विभाग की पार्किंग पंतद्वीप में है। जिसमें यात्रियों की सुविधा के लिए 10 ढाबों और 20 छोटी दुकानों की अनुमति विभाग की ओर से दी गई है लेकिन वहां 150, 200 से अधिक दुकानें लगी हैं। प्रशासन और पुलिस सहयोग करें तो अवैध दुकानों को हटा देंगे। उन्होंने चंडीघाट में किए जा रहे अतिक्रमण का भी उल्लेख किया। कहा कि अतिक्रमण हटाते समय जब राजनीतिक दबाव पड़ता है तब अधिकारी खिसक जाते हैं और सिंचाई विभाग को अकेला छोड़ दिया जाता है।
डीएम बोल, अब चलाओ अभियान
जिलाधिकारी दीपक रावत ने अधिकारियों को शांत करते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा कि उनके सामने अभियान चलाओ, प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने सिंचाई विभाग को अतिक्रमणकारियों का सामान जब्त कर उसे नीलाम कर अभियान में होने वाले खर्च की भरपाई करें। ईई ने बताया कि विभाग ने 29 जून से अतिक्रमण हटाओ अभियान का कार्यक्रम बनाकर जिलाधिकारी व एसएसपी को भेज दिया है। बैरागी कैंप से अभियान शुरू होगा। संपूर्ण मेला क्षेत्र से चंडीघाट के अपस्ट्रीम से डाउनस्ट्रीम तक की सफाई करने की योजना है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच व समन्वय हो तो मेला भूमि को कब्जों से मुक्त करा दिया जाएगा।