प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बदरीनाथ से लेकर हरिद्वार तक ऐसे 508 छोटे-बड़े होटलों को नोटिस जारी किए हैं, जो सीवर की गंदगी सीधे अलकनंदा और गंगा में प्रवाहित कर रहे हैं।
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि ने बताया कि इन होटलों से बगैर ट्रीटमेंट गंदा पानी सीधे नदियों में प्रवाहित किया जा रहा है। नोटिस में होटल संचालकों को तत्काल सीवरेज ट्रीटमेंट का इंतजाम करने के लिए कहा गया है। ऐसा नहीं होने पर होटलों को सील करने की चेतावनी दी गई है। उन्होंने बताया कि गंगा को निर्मल व अविरल बनाने के लिए केंद्र सरकार अरबों रुपये खर्च कर रही है। योजनाओं की मॉनिटरिंग सीधे पीएमओ से की जा रही है।
पहले भी जारी हुआ था नोटिस
उल्लेखनीय है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इससे पहले भी कई होटल संचालकों को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था नहीं करने पर नोटिस जारी किया था, लेकिन बाद में बोर्ड अधिकारियों ने नोटिस को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। अब केंद्र सरकार एवं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से शिकंजा कसे जाने के बाद बोर्ड के अधिकारी भी हरकत में आए हैं। इससे पूर्व बोर्ड ने बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण नहीं करने वाले अस्पतालों को भी नोटिस जारी कर चुका है। साथ ही 629 फैक्ट्रियों को भी नोटिस जारी किया गया है जो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के बगैर संचालित की जा रही हैं।