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कैलाश  मानसरोवर यात्रा: आठ दिन के बाद कैलाश यात्री दलों ने भरी उड़ान

Sun, 15 Jul 2018 08:48 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़/डीडीहाट/अल्मोड़ा
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kailash mansarovar
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आठ दिन के इंतजार के बाद आखिर रविवार को मौसम खुलने पर गुंजी और पिथौरागढ़ में फंसे कैलाश  मानसरोवर यात्री अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गए। वहीं, गुंजी में आठ एवं पांच दिन से फंसे तीसरे और चौथे दल के यात्रियों ने पिथौरागढ़ पहुंचकर बड़ी राहत महसूस की। अल्मोड़ा में रुका हुआ कैलाश मानसरोवर यात्रियों का आठवां दल रविवार को जय भोले के जयकारे के साथ अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गया। 17 राज्यों के 58 सदस्यीय यात्रियों का दल 10 जुलाई को अल्मोड़ा पहुंचा था। लेकिन छियालेख में बारिश और घने कोहरे के कारण यात्री दल को अल्मोड़ा ही रोक लिया गया था। 

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कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे सातवें दल के यात्री मौसम खराब होने के कारण आठ जुलाई से पिथौरागढ़ में, जबकि यात्रा पूरी कर लौटे तीसरे बैच के यात्री  इतने ही दिन से, चौथे बैच के यात्री पांच दिन से गुंजी में फंसे थे। देरी के कारण यात्रियों की बेचैनी बढ़ती जा रही थी। यात्रा पर जा रहे सातवें दल के यात्री भी परेशान हो चुके थे। गुंजी में फंसे तीसरे और चौथे दल के यात्रियों ने शनिवार शाम प्रदर्शन भी किया था। रविवार को मौसम अनुकूल होते ही वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने उड़ान भरी। पिथौरागढ़ से 57 यात्रियों को गुंजी ले जाया गया, जबकि गुंजी में फंसे दोनों दलों के सभी 114 यात्रियों को पिथौरागढ़ लाया गया। कुछ देर विश्राम करने के बाद यात्री भीमताल के लिए रवाना हो गए।

आज भारत लौटेगा कैलाश यात्रियों का पांचवां दल
कैलाश मानसरोवर यात्रियों का पांचवां दल कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन कर तकलाकोट पहुंच गया है। यह दल सोमवार को भारत लौट आएगा। छठा दल कैलाश पर्वत के दर्शन करने के बाद मानसरोवर झील के दर्शन को जा रहा है। आईटीबीपी मिर्थी से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को दल के सदस्य कुगू में हैं। पिथौरागढ़ से गुंजी गया सातवां दल होम स्टे के तहत नावीगांव पहुंच गया है। तीसरे और चौथे दल के यात्री पिथौरागढ़ से भीमताल को रवाना हो गए, जबकि आठवां दल पिथौरागढ़ पहुंच गया। यह दल सोमवार की सुबह गुंजी को रवाना होगा।
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कैलाश यात्रा से लौटे यात्रियों के अनुभव
चीन के कई पड़ावों में टायलेट की उचित सुविधा नहीं
वर्ष 2009 और अब 2018 में दूसरी बार यात्रा पूरी कर लौटे भानुदास ने बताया कि चीन के कई पड़ावों में टायलेट की उचित सुविधा नहीं है। डेरापुक में खुले में शौच करना पड़ता है। मानसरोवर में टायलेट में सफाई की व्यवस्था नहीं है। भोजन की व्यवस्था ठीक थी। गुंजी में लंबे इंतजार के कारण थोड़ी परेशानी महसूस हुई। - भानुदास, मुंबई

भारत और चीन की व्यवस्थाओं से अजय खुश
वर्ष 2012 से अब तक सात बार कैलाश यात्रा कर चुके दिल्ली निवासी अजय कपूर भारत और चीन की व्यवस्थाओं से खुश नजर आए। उनका कहना है कि वह भोले के दरबार में दर्शन के लिए जाते हैं। उन्हें व्यवस्थाओं से कोई फर्क नहीं पड़ता है। गुंजी में मौसम खराब होने से लौटने के लिए कुछ इंतजार करना पड़ा।- अजय कपूर, दिल्ली

कैलाश यात्रा में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त थीं
वर्ष 2014 से लगातार यात्रा पर जा रहे गाजियाबाद निवासी संजय त्यागी ने बताया कि कैलाश यात्रा में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त थीं। पहले केवल उबला चावल दिया जाता था, अब भोजन की गुणवत्ता में भी काफी सुधार हुआ है। गुंजी में पांच दिन से अधिक रुकना पड़ा। परेशानी नहीं हुई, लेकिन मौसम खराब होने की सूचना बार-बार चिंतित कर देती थी।- संजय त्यागी, गाजियाबाद

किसी तरह की परेशानी नहीं हुई : सुदेश
पहली बार कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गईं गाजियाबाद निवासी महिला यात्री सुदेश त्यागी ने इस यात्रा को चमत्कार बताया। कहा कि उनकी यात्रा काफी अच्छी रही। गुंजी में मौसम की खराबी के कारण प्रतीक्षा करनी पड़ी। वापस लौटने को लेकर बेचैनी हो रही थी, लेकिन वहां पर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त थीं। किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई। - सुदेश त्यागी, गाजियाबाद

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