राजधानी में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। रोजाना बड़ी संख्या में संदिग्ध और पॉजिटिव मरीज सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद सरकार के स्तर से डेंगू नियंत्रण के प्रभावी उपाय नहीं हो पा रहे हैं। आलम यह है कि अकेले राजधानी क्षेत्र में करीब 45 हजार घरों में अब भी डेंगू का खतरा बना हुआ है।
राजधानी में अब तक केवल 24,678 घरों को ही सैनिटाइज किया जा सका है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ओमप्रकाश ने बताया कि नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, सिविल डिफेंस समेत तमाम विभागों के कर्मियों की 150 अलग-अलग टीमें बनाई गई है, जो घर-घर जाकर सैनिटेशन का काम कर रही है।
राजधानी में कुल 70 हजार में से करीब 45 हजार भवन अभी तक असुरक्षित ही हैं। उन्होंने एक ही दिन में करीब नौ हजार घरों में सैनिटाइजेशन का दावा किया। बृहस्पतिवार को जहां 15866 घरों के सैनेटाइजेशन का दावा किया गया था, वहीं शुक्रवार को यह संख्या करीब नौ हजार बढ़कर 24,678 तक पहुंच गई। व्यापार मंडल प्रेमनगर अध्यक्ष राजीव पुंज ने बताया कि प्रेमनगर छावनी क्षेत्र में शुक्रवार को नगर निगम की टीम ने फॉगिंग की।
वहीं, शहर और नगर निगम की सीमा से लगे मोथरोवाला, बंजारावाला, आरकेडिया ग्रांट, जोगीवाला, नवादा, मोहकमपुर, माजरी माफी, नत्थनपुर, नेहरूग्राम, चंद्रबनी, मेहूवाला, हरबंशवाला, बड़ोवाला समेत करीब डेढ़ दर्जन गांवों में डेंगू नियंत्रण के उपाय नहीं होने पर नाराजगी है। नगर निगम अपनी सीमा में ही फॉगिंग और दवाओं का छिड़काव करा रहा है। जबकि स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई भी शहर क्षेत्र तक ही सिमटी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू का खतरा बना हुआ है।