हरिद्वार। श्री चंद्र भगवान के चौथे मूर्ति स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि देश का संत समाज सनातन परंपराओं का बखूबी निर्वहन कर रहा है। वर्ष-2021 में हरिद्वार में होने वाला कुंभ मेला प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। इसके सफल आयोजन के लिए संत समाज के अलावा समाज के सभी वर्गों के लोगों से आगे आने की अपील की।
सोमवार को श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन निर्वाण पहाड़ी बाजार कनखल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हरिद्वार हिंदू सनातन परंपराओं का केेंद्र है। गेरुआ वस्त्र हरिद्वार की पहचान है। संत समाज की सोच श्रद्धाभाव की होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए हमें संतों के सम्मान में सदैव खड़ा रहना चाहिए। यह सुखद संयोग है कि वर्ष-2021 में हरिद्वार में कुंभ का आयोजन हो रहा है। इसके सफल आयोजन के लिए महामंडलेश्वरों, साधु-संतों से एक दौर की वार्ता हो चुकी है। कुंभ का आयोजन सफलतापूर्वक हो इसके लिए सरकार व संत समाज को ही नहीं समाज के हर वर्ग के लोगों को आगे आना होगा। कुंभ में देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं को हरिद्वार आने के बाद इस बात का एहसास होना चाहिए कि वे किसी धार्मिक शहर में आए हैं।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने श्रीचंद्र भगवान के मंदिर में विधि विधान से पूजा अर्चना की और संत-महंतों का आशीर्वाद लिया। मुखिया महंत भगतराम ने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि श्रीचंद्र भगवान हमारे आराध्य हैं। उनकी पूजा से मनुष्य के सभी कष्टों का निवारण स्वत: हो जाता है। उन्होंने कार्यक्रम में पधारे सभी 13 अखाड़े के संतों-महंतों का आभार प्रकट किया। मुखिया महंत भगतराम ने उदासीन संत बाबा गंगादास के कृपा पात्र शिष्य शेलेश भाई पटेल एवं समस्त पटेल परिवार के सहयोग का भी आभार जताया। मूर्ति स्थापना दिवस पर स्वामी डॉ. प्रकाशानंद के शिष्य महामंडलेश्वर स्वामी राजेंद्रानंद का पट्टाभिषेक भी सभी अखाड़ों के महामंडलेश्वरों के सानिध्य में संपन्न हुआ। सभी संत-महंतों ने स्वामी राजेंद्रानंद को तिलक-चादर भेंट कर अपना आशीर्वाद दिया। इस दौरान महामंडलेश्वर स्वामी राजेंद्रानंद ने कहा कि वह संतों की मान मर्यादाओं को ध्यान में रखकर सनातन परंपराओं का निवर्हन श्रद्धा से करेंगे।
यह रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रावत के अलावा शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, मेयर मनोज गर्ग, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत बलवंत सिंह, महंत रविंद्र पुरी, महंत धूनीदास, महंत त्रिवेणीदास, महंत श्यामसुंदरदास शास्त्री, महंत रविंद्रदास, महंत शिवशंकर गिरि, महंत जगजीत सिंह, महंत दुर्गादास, स्वामी सुरजीत सिंह, महंत हीरादास, स्वामी दलजीत सिंह, स्वामी संतोषानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह, जिला उपाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जिला महामंत्री विकास तिवारी, नरेश शर्मा, अंकित गुप्ता, रोहित तुंबड़िया समेत आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन स्वामी हरिहरानंद शास्त्री ने किया।
सीएम ने पारदेश्वर महादेव का किया रुद्राभिषेक
हरिद्वार। श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन मेें श्रीचंद्र के मूर्ति स्थापना दिवस समारोह मेें शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरिहर आश्रम पहुंचकर भगवान पारदेश्वर महादेव का शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के साथ रुद्राभिषेक कर प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की।
इस दौरान आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा कि महाशिवरात्रि सामाजिक समरसता का पर्व है। भगवान आशुतोष पूरे ब्रह्मांड के हर जीव पर अपनी कृपा बरसाते हैं। भारत पर्व प्रधान देश होने के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना का भी देश है। महाशिवरात्रि के धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व बताते हुए महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी ने कहा कि महाशिवरात्रि की रात शिव की आराधना से अनिद्रा, भय, क्रोध जैसी बीमारियों का शमन होता है। महाशिवरात्रि एकाग्रता का पर्व है। इससे पूर्व आचार्य महामंडलेश्वर व वेदपाठियों के वैदिक मंत्रों के बीच मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्री कौशिक समेत कई गणमान्य लोगों ने पारदेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक किया। इसके बाद आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक समेत कई लोगों को शॉल ओढ़ाकर व रुद्राक्ष माला पहनाकर आशीर्वाद दिया। रुद्राभिषेक उपरांत मुख्यमंत्री ने आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी से एकांत में कई धार्मिक मुद्दों पर चर्चा की गई । आश्रम में थोड़ी देर रुकने के बाद मुख्यमंत्री निकल गए। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह, जिला उपाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जिला महामंत्री विकास तिवारी, नरेश शर्मा समेत भी उपस्थित रहे।
सीएम के सामने उठा चैंपियन की नाराजगी का मुद्दा
हरिद्वार। प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली से नाराज खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन अपनी शिकायत लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिलने भले ही दिल्ली रवाना हो गए हैं, लेकिन सोमवार को जब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सामने उनकी नाराजगी का मुद्दा उठाए तो उन्होंने कहा कि वे उन्हें मना लेंगे। जिला पंचायत के संचालन के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय समिति में पूर्व विधायक मोहम्मद शहजाद के भाई सत्तार को शामिल करने से शुरू हुई चैंपियन की नाराजगी अब सरकार की कार्यप्रणाली तक पहुंच गई है। चैंपियन ने राज्य सरकार के भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के दावे पर भी सवाल उठाए हैं। राज्य सरकार के इस दोहरे रवैये की शिकायत लेकर सोमवार को चैंपियन, शाह से मिलने दिल्ली रवाना हो गए हैं। सोमवार को हरिद्वार पहुंचे मुख्यमंत्री से पत्रकारों ने जब चैंपियन की नाराजगी पर प्रतिक्रिया चाही तो मुख्यमंत्री ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाई। कहा कि वह चैंपियन को मना लेंगे। ब्यूरो