नरेंद्रनगर (टिहरी)। बारिश का सीजन शुरू होते ही कुम्हारखेड़ा निवासियों की नींद भी उड़ने लगी है। यहां हल्की बारिश होने पर ही पहाड़ी से पत्थर बरसने लगते हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। बरसाती सीजन में सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने के बजाय प्रशासन ने उन्हें अपनी व्यवस्था स्वयं करने को कहा है।
पिछले वर्ष 17 जुलाई को कुम्हारखेड़ा के ऊपर बाईपास मार्ग पर भारी भूधंसाव होने से मलबा कुम्हारखेड़ा बस्ती तक पहुंच गया था। इस दौरान एक कार भी मलबे में दब गई थी, जिसमें चार युवक जिंदा दफन हो गए थे, जबकि कुम्हारखेड़ा में तीन मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। तब से कुम्हारखेड़ा के लोगों में भारी खौफ बना हुआ है। भूधंसाव रोकने लिए वहां सुरक्षा दीवार भी लगाई गई है, लेकिन जिस तरह से हल्की बारिश होने पर पहाड़ी से पत्थर बरसने लगते हैं। उस स्थिति में बस्ती के लोगों की नींद उड़ी हुई है। खतरे की जद में आए सरोजनी देवी, दर्शन लाल शाह, राजन नाथ, लक्ष्मी देवी, बेताल सिंह गुसाईं और मूर्ति सिंह भंडारी आदि ने प्रशासन से सुरक्षित ठिकाना तलाशने की गुहार लगाई है, लेकिन एसडीएम ने उन्हें स्वयं सुरक्षित स्थान पर जाने का फरमान सुनाया है। एसडीएम लक्ष्मीराज चौहान ने कहा कि किसी प्रकार का खतरा होने पर लोगों को अपने लिए समय रहते सुरक्षित स्थान तलाश कर लेना चाहिए।