प्लान और नान प्लान खर्चों (वेतन और भत्तों) के लिए सरकार ने चार सौ करोड़ रुपये का कर्ज और ले लिया है। इसके साथ ही उत्तराखंड पर कर्ज का बोझ बढ़कर 411 अरब हो चुका है। आरबीआई ने मंगलवार को उत्तराखंड को चार सौ करोड़ के इस कर्ज का अनुमोदन कर दिया है। एक-दो दिन में यह राशि सरकारी खाते में आ जाएगी।
अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर माह में लगातार लोन लेने के बाद जनवरी का महीना भी कर्ज से अछूता नहीं रहा। इस तरह अब तक राज्य पर कुल 411 अरब का कर्ज हो चुका है, जो उत्तराखंड के गठन के बाद से लगभग ग्यारह गुना पहुंच चुका है। वहीं आमदनी के मामले में इतनी वृद्धि अभी भी सपना ही है। सूत्रों के मुताबिक, इस राशि का ब्याज भी राज्य को तय अवधि तक अदा करना होगा।
ताजा कर्ज का सबसे बड़ा हिस्सा सरकारी कर्मचारियों को वेतन-भत्ते बांटने में जाएगा। वित्त विभाग के मुताबिक वेतन के मद में होने वाला खर्च नॉन प्लान में आता है, जिसे लगातार बढ़ाया जा रहा है। हाल ही में नियुक्तियों से संबंधित तमाम आदेश ऐसे हुए हैं, जिनका बोझ सरकार को आगे झेलना पड़ेगा। इसके अलावा सेवानिवृत्त अधिकारियों को बार-बार सेवा विस्तार और पुनर्नियुक्ति देने के चलते भी सरकारी खर्चे बढ़ते जा रहे हैं।
विकास संबंधी योजनाओं और वेतन-भत्तों के खर्च को पूरा करने के लिए चार सौ करोड़ का कर्ज लिया गया है। अभी यह कर्ज लेने की अंतिम सीमा नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर आगे भी कर्ज लिया जाएगा।
- अमित सिंह नेगी, वित्त सचिव